समय निकलता जा रहा है, लेकिन सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों और टिकट दावेदारों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा। दोनों ही दलों के नेताओं को गठबंधन की घोषणा और सीटों के बंटवारे का इंतजार है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को दोनों दलों के नेताओं का यह इंतजार खत्म हो जाएगा। इसके बाद ही सपा और कांग्रेस का प्रचार खत्म होगा।
समाजवादी पार्टी जिले की पांच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी तो घोषित कर चुकी है, लेकिन इसके बाद गठबंधन पर प्लानिंग होने लगी। गठबंधन में अब समाजवादी पार्टी को सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़नी होंगी। ऐसे में सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद संगठन पदाधिकारी प्रचार नहीं कर पा रहे हैं।
सपा और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को यह नहीं पता कि उनके खाते में कौन-कौन सी सीटें रहेंगी। ऐसे में विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार नहीं दिख रहा। सपा महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी का कहना है कि बृहस्पतिवार तक स्थिति साफ हो जाएगी, इसके बाद सीटों के आधार पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
उधर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना का कहना है कि अभी गठबंधन और सीटों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। बृहस्पतिवार तक सीटों की जानकारी मिलने की उम्मीद है कि कांग्रेस पर कौन सी सीटें रहेंगी। इसके बाद धुआंधार प्रचार शुरू करेंगे। कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी।