नोएडा से इलाहाबाद और लखनऊ तक चलेंगी एसी बसें
कांट्रेक्ट लेकर शहर के अंदर विभिन्न रूटों पर चल रही डीजल बसों को नए साल में सड़कों से हटा लिया जाएगा। सिटी बसों के तौर पर चल रहीं इन डीजल बसों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल और शासन के आदेश पर प्रदूषण से बचाव के लिए हटाया जा रहा है। जनवरी के पहले सप्ताह में आरटीओ अभियान चला कर इन बसों को सड़कों से हटा देगा।
कांट्रेक्ट पर प्राइवेट डीजल बसें गाजियाबाद से गुलावठी, आनंद विहार और यूपी बार्डर समेत अन्य रूट पर चलाई जा रही हैं। इन रूटों पर बसें बंद होने से यात्रियों की भी परेशानी बढ़ने वाली है। आरटीओ प्रवर्तन एके सिंह ने बताया कि डीजल वाहनों की नियमित जांच नहीं की जाए तो सबसे ज्यादा प्रदूषण इन्हीं से होता है।
एनजीटी के साथ ही शासन ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में जितनी भी डीजल बसें संचालित हो रही हैं, उन्हें रूट से हटाया जाएगा। आरडब्ल्यूए फेडरेशन कर चुकी है सीएनजी बसों की मांग गाजियाबाद आरडब्ल्यूए फेडरेशन शहर में सिटी बसों के तौर पर सीएनजी बसों के संचालन की मांग लंबे समय से कर रही है।
बीते सप्ताह फेडरेशन पदाधिकारियों की टीम प्रशासनिक अधिकारियों से मिली थी, जहां उन्हें इस दिशा में कार्य किए जाने का आश्वासन भी मिला था। इसके साथ ही 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन, चाहे कार हो या बाइक, इन्हें भी आरटीओ की ओर से नए साल से जब्त किए जाने की प्लानिंग तैयार की चुकी है। जनपद से करीब 2500 वाहनों को जब्त किया जाएगा।