गाजियाबाद। संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में एक दिन में 58 मरीजों की डायलिसिस होने के बावजूद 100 से अधिक मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। हाल ही में केंद्र पर पांच नई मशीनें भी शुरू की गई हैं। सेंटर में डायलिसिस के लिए पहले 160 मरीजों की वेटिंग पहुंच गई थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद नई मशीनें शुरू होने के बाद प्रतीक्षा सूची में सिर्फ 60 मरीजों की कमी आई है। केंद्र प्रभारी फराह नाज का कहना है कि कोशिश की जा रही है कि मरीजों की वेटिंग जल्द समाप्त कर दी जाए।
फराह नाज का कहना है कि उच्च रक्तचाप, खराब दिनचर्या और खानपान के चलते गुर्दे की बीमारियां बढ़ रही हैं। इस कारण से क्रिएटिनिन, प्रोटीन और यूरिया की मात्रा बढ़ने पर डायलिसिस की नौबत आ रही है। डायलिसिस और दवाओं के जरिए कई बार क्रिएटिनिन की मात्रा काफी कम हो जाती है और गुर्दे सही तरीके से काम करने लगते हैं। इस स्थिति में भी 15 से 30 दिनों में एक बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। फराह नाज ने बताया कि सेंटर पर आने वाले मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। मशीन खाली होने पर उन्हें स्लॉट दिया जाता है। प्रयास किया जा रहा है कि मरीजों की वेटिंग खत्म की जाए।
डायलिसिस कराने वालों में 60 फीसदी युवा
संयुक्त अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले 60 फीसदी मरीजों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है। 40 फीसदी मरीज 40 से 58 वर्ष वाले हैं। अधिकांश मरीजों के दोनों गुर्दे दो से चार प्रतिशत ही काम कर पा रही हैं। कई मरीज ऐसे हैं, जिनको प्रत्येक दूसरे दिन डायलिसिस की जरूरत पड़ती है।
20 मशीनों से हो रही है डायलिसिस
सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडेय का कहना है कि अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर डीसीडीसी किडनी केयर कंपनी की तरफ से मरीजों की निशुल्क डायलिसिस की जाती है। इस समय 20 मशीनों से डायलिसिस हो रही है। इनमें दो मशीनें हेपेटाइटिस और एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित हैं। तीन शिफ्ट में 58 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। नई मशीनें शुरू होने से प्रतीक्षारत 70 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिली है। अभी 100 वेटिंग प्रतीक्षा सूची में हैं।