गाजियाबाद। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2005 से 2014 के तहत विकसित आवासीय परियोजनाओं की संशोधित डीपीआर सोमवार को निजी विकासकर्ताओं की ओर से जीडीए में प्रस्तुत की गई। विकासकर्ताओं की ओर से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित संशोधन तथा नीति के अनुरूप किए जाने वाले विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल ने प्रस्तुतिकरण का गहन परीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि समस्त कार्यवाही शासन द्वारा निर्धारित नीति एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि संशोधित डीपीआर के आधार पर परियोजनाओं को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी। इससे संबंधित क्षेत्रों का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके और आमजन को अपेक्षित आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्राधिकरण की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विकास कार्य नियमानुसार व प्राथमिकता के आधार पर संपादित हों, जिससे जनहित को अधिकतम लाभ प्राप्त हो।