संयुक्त अस्पताल के एक्स रे कक्ष में लटक रहा ताला। संवाद
- फोटो : स्वयं
गाजियाबाद। संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर डिजिटल एक्स-रे मशीन इंस्टॉल करने के बाद कक्ष में ताला लटक रहा है। इस कारण से मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल के मुख्य भवन में हो रही एक्स-रे जांच में मरीजों को फिल्म नहीं दी जाती है। रिपोर्ट लेने के लिए मरीज अपने फोन से फोटो क्लिक कर डॉक्टरों को दिखाते हैं।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान शासन से चलित एक्स-रे मशीन आई थी। इसका उद्देश्य था कि मरीजों की जांच उनके बेड पर मशीन से की जाएगी। वहीं पर तत्काल डॉक्टर रिपोर्ट देख लेंगे। इस कारण से एक्स-रे फिल्म की आपूर्ति ही नहीं हुई। इस कारण से मरीजों को एक्स-रे जांच की फोटो क्लिक कराई जाती है। मंगलवार को पैर का एक्स-रे कराने पहुंची महिला संगीता के पास एंड्रॉएड फोन नहीं था तो टेक्नीशियन ने जांच रिपोर्ट डॉक्टर के फोन पर भेजा।
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर की शुरुआत 14 अक्तूबर 2011 से हुई है। इसका मकसद था कि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट भी शुरू की गई थी। बीते वर्षों में ट्रॉमा सेंटर का उपयोग केवल इमरजेंसी वार्ड के रूप में ही किया गया। गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। अब डिजिटल एक्स-रे मशीन इंस्टाल हो चुकी है, लेकिन जांच शुरू नहीं होने से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब आपात स्थिति में तुरंत एक्स-रे करने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। यह कक्ष तैयार किया जा चुका है और जल्द ही संस्था हैंडओवर कर देगी। इसके बाद जांच शुरू की जाएगी।
ट्रॉमा सेंटर में लगेगी सेंट्रलाइज्ड एसी
ट्रॉमा सेंटर में सेंट्रलाइज्ड एसी लगाने की कवायद शुरू की गई है। कार्यदायी संस्था ट्रॉमा सेंटर के सभी कक्षों का निरीक्षण कर सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम के लिए आवश्यक तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। बताया कि जल्द ही एसी सिस्टम लगाने का कार्य शुरू होगा। इसके अलावा ट्रामा सेंटर में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनाने की योजना है।
जल्द शुरू कराई जाएगी जांच
सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि स्टाफ की तैनाती की जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित अन्य डॉक्टरों को नियुक्त किया गया है। इससे आपात स्थिति में तुरंत उपचार और सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। सीएमएस ने बताया कि एक्स-रे मशीन लगाने वाली संस्था जल्द ही स्टाफ देगी, इसके बाद जांच शुरू करा दी जाएगी।