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टीबी उन्मूलन के लिए विभागों को मिलकर करनी होगी मरीजों की पहचान: सीएमओ

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गाजियाबाद। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों को मिलकर संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करना होगा। जनजागरूकता के जरिये लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक करने के साथ संदिग्ध मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना जरूरी है। यह बातें बुधवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र ने कही।
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सीएमओ ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम और उन्मूलन के लिए सभी विभागों का एकजुट होकर काम करना जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों से इस माह चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता बढ़ाने के साथ संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच और उपचार की सुविधा से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समय पर जांच और उपचार के साथ जनजागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार को प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यशाला में पंचायती राज, बाल विकास व पुष्टाहार, शिक्षा, श्रम, खाद्य एवं रसद और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन समेत विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा हुई। अधिकारियों और प्रतिनिधियों को अभियान के दौरान अपने स्तर से सहयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक राघवेंद्र सिंह चौहान ने किया। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डॉ. अरविंद, डीपीटीसी निधि त्रिखा, दीपाली गुप्ता, साथी फाउंडेशन की काजल छिब्बर, ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव राजीव त्यागी, नवीन कुमार बंसल, शिवम मिश्रा, राधा शर्मा और पवन कुमार मौजूद रहे।
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