कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसान।
गाजियाबाद। भाकियू के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को किसानों ने कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। दिया। किसानों ने पंजाब में चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सरकार पर तमाम आरोप लगाए। उन्होंने सरकार से एमएसपी गारंटी कानून बनाने के साथ जल्द ही गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की। नाराज किसानों ने एडीएम भू अर्जन विवेक मिश्रा को ज्ञापन दिया और मांगें पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी।
भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह की अगुवाई में सुबह 11 बजे किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए और वहीं पर हुक्का भी गुड़गुड़ाया। बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार एमएसपी गारंटी कानून के नाम पर किसानों से लगातार झूठ बोल रही है। पंजाब के किसानों की आवाज को दबाने का काम भी सरकार कर रही है। पूरे देश का किसान पंजाब के किसानों के साथ है। किसानों ने मांग की कि सरकार किसानों के ऋण माफ करे। गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और समय से ही किसानों को उनका भुगतान भी किया जाए।
चार बजे किसानों से वार्ता करने के लिए एडीएम भू-अर्जन विवेक मिश्रा पहुंचे। उनके समक्ष किसानों ने स्थानीय मुद्दे भी रखे। किसानों ने कहा कि अधिकारी किसानों की सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उनको झूठा आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। एडीएम ने प्रकरण में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नेपाल सिंह, पप्पी नेहरा, ओमपाल सिंह, रामअवतार त्यागी, रामकुमार चौधरी, कुलदीप त्यागी, संदीप चौधरी, पवन चौधरी, मनीषा सिंह, बबीता सिंह, मीनाक्षी चौधरी, मंजू मौजूद रहे।
स्थानीय समस्याएं भी उठाईं
जिलाध्यक्ष ने एडीएम से कहा कि मोदी शुगर मिल पर किसानों का 200 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। मिल प्रबंधन से लगातार भुगतान करने की मांग की जा रही है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान उन्होंने जर्जर सड़कें, बिजली विभाग द्वारा किसानों के कनेक्शन काटने समेत अन्य समस्याएं भी रखीं। एडीएम ने मांगपत्र को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।