गाजियाबाद। आचार संहिता लगने के बाद गली, मोहल्ले से लेकर चारों तरफ चुनाव की चर्चा होने लगी है। गाजियाबाद सीट पर फिलहाल उम्मीदवारों को लेकर इंतजार लंबा हो रहा है। इसी बीच लोग भी अपने अपने कयास लगा रहे हैं। इस वक्त सबसे ज्यादा गर्म माहौल कार श्रृंगार की दुकानों पर देखने को मिल रहा है। बढ़ती गर्मी के बीच यहां सियासी तापमान भी उतरता चढ़ता रहता है। लोग सबसे ज्यादा ठहाका शीशे के अंदर रखीं भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा की झंडियों के देखकर लगाते हैं। भाजपा को छोड़कर दूसरे दलों की झंडियों पर जमी धूल देखकर लोग समय के उतार चढ़ाव का भी जिक्र करते हैं।
शास्त्रीनगर में कार श्रृंगार की दुकान चलाने वाले अमित चौधरी ने बताया कि वह पिछले 20 साल से यह काम कर रहे हैं। 2012 से 2017 तक समाजवादी की सरकार रही। भले ही जिले में सपा का कोई विधायक नहीं था लेकिन तब रोजाना 4-5 लोग अपने वाहन पर झंडी लगवाने आते थे। इसके बाद जब भाजपा की सरकार आई तो सपा की झंडी की मांग न के बराबर रह गई। तब से अब तक भाजपा की झंडी सबसे ज्यादा बिक रही हैं। इसके रोजाना 6-8 ग्राहक आ जाते हैं।
2007 से 2012 तक यही हाल बसपा की सरकार में था। तब तो यह हालत थी कि लोग बाइक और स्कूटर पर भी झंडी लगवाने के लिए आते थे लेकिन आज इनका ग्राहक कई कई महीने तक भी नहीं आता। हालत यह थी कि एडवांस ऑर्डर देकर इनको बनवाना पड़ता था। कई बार डिमांड ही पूरी नहीं हो पाती थी। गोविंदपुरम के जितेंद्र कुमार बताते हैं कि भाजपा को छोड़कर किसी दूसरे दल की झंडी महीने में एक, दो ही बिकती है। भाजपा के बाद किसान यूनियन की झंडी की मांग है। कांग्रेस की झंडी का ग्राहक तो सालों से नहीं आया, इसलिए अब इसकी झंडी तो लानी बंद ही कर दी गई हैं।