गाजियाबाद। फ्रेंस की कार्यकारिणी ने हादसे पर गहरी चिंता जताई है। फेडरेशन का कहना है कि बढ़ती आबादी और हाईराइज इमारतों के बीच मौजूदा फायर इंफ्रास्ट्रक्चर नाकाफी साबित हो रहा है। फ्रेंस के अध्यक्ष ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन को बसे करीब 16 साल हो चुके हैं और यहां दो लाख से अधिक लोग रह रहे हैं। इसके बावजूद आज तक अलग फायर स्टेशन नहीं बन पाया। इस संबंध में कई बार जीडीए को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में दूर स्थित फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां भारी ट्रैफिक के बीच समय पर नहीं पहुंच पातीं। किसी भी आग की घटना में शुरुआती 10-15 मिनट सबसे निर्णायक होते हैं। देरी होने पर नुकसान कई गुना बढ़ सकता है। फेडरेशन ने जोर दिया कि सिर्फ फायर स्टेशन बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि 25-30 मंजिला इमारतों को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म जैसी हाई-रीच मशीनों की उपलब्धता भी जरूरी है। बिना इन उपकरणों के ऊंची इमारतों में आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।