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देवर बना दरिंदा: गला दबाकर भाभी की हत्या... फिर शव को बोरे में भरा, इसलिए सात किमी दूर लाश फेंककर आ गए वापस

Fri, 13 Jun 2025 03:45 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद

सार

कविता के परिजनों को भी उसकी हत्या की बाबत जानकारी दी गई है। हालांकि परिजनों ने हत्या की घटना से किनारा कर लिया। परिजनों का कहना है कि कविता उनके लिए तभी मर गई थी, जब वह चार साल पहले घर छोड़कर चली गई थी।
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कविता की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के लोनी बार्डर पर सूटकेस में दिल्ली के अंबिका विहार थाना क्षेत्र निवासी कविता (26) का शव मिलने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ननद से विवाद के बाद कविता ने अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी की पिटाई कर दी थी। इससे आक्रोशित देवर सुमित (22) ने कविता को बेड पर गिराकर दोनों हाथों से गला दबा दिया। शोर-शराबा सुनकर आए ससुर हरवीर सिंह (52) ने भी सुमित का साथ दिया और कविता के पैर दबाए रखे। कविता की मौत होने पर सुमित ने अपने छोटे भाई गुड्डू (18) को घर बुलाया और शव सूटकेस में भरकर बाइक से निकले। करीब सात किमी दूर जब दोनों लोनी बार्डर के बेहटा नहर की पटरी पर पहुंचे तो बाइक असंतुलित हो गई और शव गिर गया। शव को छोड़कर दोनों भाई घर वापस भाग गए। पुलिस ने हत्यारोपी दोनों देवर और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।

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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि कविता मूल रूप से पंजाब की रहने वाली थी और चार साल पहले घर छोड़कर दिल्ली चली आई थी। यहां उसकी मुलाकात रेलवे स्टेशन पर ऑटो चालक सागर निवासी अंबिका विहार थाना करावल नगर दिल्ली से हुई। सागर कविता को अपने घर ले आया और शादी कर ली। दोनों की एक डेढ़ वर्षीय बेटी आइसनी है। 

10 जून की शाम को सागर की बहन शिवानी और कविता में कहासुनी हो गई। इससे गुस्साई कविता ने अपनी बेटी आइसनी की पिटाई कर दी। इसका विरोध उसके देवर सुमित ने किया। कविता ने सुमित को भी खरी-खोटी सुना दी। इससे आक्रोशित सुमित ने अपनी भाभी को कमरे में पड़े बेड पर गिरा दिया और दोनों हाथों से गला दबाया। 

इसी दौरान सुमित का पिता भी कमरे में आ गया और दम घुटने से बेड पर तड़प रही कविता के पैर दबा लिए। पिता की सहमति मिलने पर सुमित ने कविता का गला उसी के दुपट्टे से दबा दिया। कविता की हत्या के बाद दोनों ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद सुमित ने अपने छोटे भाई गुड़्डू को घर बुलाया और कविता के शव को गुलाबी पॉलिथीन में लपेटकर हरे रंग के सूटकेस में भर लिया। गुड्डू बाइक चलाने लगा और सुमित सूटकेस लेकर बैठ गया। 

नहर में फेंकना चाहते थे शव, सात किमी दूर गिरा शव 
सुमित और गुड्डू 10 जून की रात करीब 11 बजे घर से सूटकेस में भरे शव को लेकर बाइक से निकले। करीब सात किमी दूर जब दोनों लोनी बार्डर के बेहटा नहर की पटरी पर पहुंचे तो बाइक असंतुलित हो गई और शव गिर गया। शव को छोड़कर दोनों भाई घर वापस भाग गए। कविता का पति वर्तमान में बागपत स्थित एक भट्ठे पर काम करता है, जब उसने फोन कर कविता से बात करनी चाही तो छोटे भाई सुमित ने बताया कि भाभी बहन से झगड़ा करके घर छोड़कर चली गई है। 

पति को भी बनाया जाएगा आरोपी
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि सागर को घटना के अगले ही दिन कविता की हत्या की जानकारी हो गई थी। इसके बाद भी सागर ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। कविता के पति से भी पूछताछ की जाएगी और आरोपी बनाया जाएगा। 
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कविता के परिजनों ने तोड़ा नाता
डीसीपी ने बताया कि कविता के परिजनों को भी उसकी हत्या की बाबत जानकारी दी गई है। हालांकि परिजनों ने हत्या की घटना से किनारा कर लिया। परिजनों का कहना है कि कविता उनके लिए तभी मर गई थी, जब वह चार साल पहले घर छोड़कर चली गई थी।
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