सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण की वजह से दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक भले लगा दी हो, लेकिन बार्डर एरिया में कचरे को जलाए जाने से दिल्ली और गाजियाबाद में भीषण प्रदूषण हो रहा है। जुर्माना लगाने के बावजूद दिल्ली क्षेत्र से गाजियाबाद में कचरा लाकर जलाया जा रहा है। यहां कबाड़ी लोहा, तांबा निकालने के लिए टायर और इलेक्ट्रिक वायर जला रहे हैं।
कचरे को जलाए जाने से बार्डर एरिया में प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है।यह हाल तब है, जब एनजीटी ने कूड़ा जलाए जाने पर रोक लगा रखी है। नगर निगम पर इस पर मानीटरिंग का दायित्व है और उसे जुर्माना वसूलने के आदेश भी दिए गए हैं।
नगर निगम ने खानापूर्ति के लिए कार्रवाई भी की और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के दो टेंपो चालकों पर जुर्माना भी लगाया, लेकिन इसके बाद रवैया फिर पहले जैसा हो गया।दिल्ली से सटे भोपुरा, राजीव कालोनी क्षेत्र (वार्ड-48) के निगम पार्षद बाबू सिंह आर्य का कहना है कि बार्डर एरिया में अभी भी कचरा जलाया जा रहा है।
दिल्ली से लाए गए केमिकल के ड्रमों को जलाकर साफ किया जाता है। इस केमिकल में आग लगाए जाने से दम घोंटू धुआं आसमान पर छा जाता है। उनका कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से बार्डर एरिया में लोग बीमार हो रहे हैं।
वहीं अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि पुलिस को साथ लेकर जल्द ही बार्डर एरिया में कचरा जलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली से सटी कालोनियों में काम करने वाले कबाड़ियों को नोटिस भी जारी कराए गए हैं।