गाजियाबाद। साइबर ठगों ने शालीमार गार्डन निवासी दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। बेटी के अपहरण की धमकी भी दी। खुद को सरकारी विभागों का अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने इस तरह दंपती से 14.76 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में पीड़ित उषा रानी की शिकायत पर बुधवार को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि शालीमार गार्डन निवासी उषा रानी के मुताबिक, एक अक्तूबर को उनके पति डॉ. सतीश चंद के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। उनके पति पैरालाइज हैं, इसलिए उन्होंने पत्नी को कॉल करने वाले से बात करने के लिए कहा।
पीड़िता के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी विभाग का अधिकारी बताया। इसके बाद आधार कार्ड और बैंक खाते के दुरुपयोग की बात कहकर दंपती को डराया गया। आरोपियों ने उन्हें कथित जांच व गिरफ्तारी का भय दिखाया और कार्रवाई से बचाने के नाम पर नौ अक्तूबर को 14 लाख 76 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
बाद में ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी अपराध ने बताया कि बैंक खातों की जांच की जा रही है। आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
स्कूल से बेटी के अपहरण की धमकी भी दी
पीड़िता के मुताबिक, वीडियो कॉल करने वाले ठग नौ दिनों तक लगातार परिवार की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे। वे पूछते थे कि परिवार के सदस्य कहां जा रहे हैं, घर में कौन-कौन है और बेटी किस स्कूल में पढ़ती है। पीड़िता के नाराजगी जताने पर आरोपियों ने धमकी दी कि जांच में सहयोग नहीं करने पर उनकी बेटी का स्कूल से अपहरण करा देंगे। इस धमकी से दंपती बुरी तरह डर गए और आरोपियों के बताए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।