लोनी। बंथला चिरोड़ी मार्ग पर बुधवार रात 10:50 बजे गैस सिलिंडर से भरे ट्रक को बचाने में डाक कांवड़ (कैंटर) हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। हादसे में कांवड़िया गौरव (21) पुत्र सतीश की मौत हो गई और सात कांवड़िए बुरी तरह झुलस गए। सूचना के बाद गांव के लोगों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने मुख्य रोड को बंद कर हंगामा व प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और झुलसे कांवड़ियों को पास के अस्पताल पहुंचाया। लोगों के गुस्से को देख घटनास्थल पर ग्रामीण जोन के तीन थानों का फोर्स मौके पर तैनात किया गया है।
चिरोड़ी गांव के जयवीर ने बताया कि बुधवार को गांव से तीन डाक कांवड़ हरिद्वार के लिए निकली थी। दो डाक कांवड़ शाम को निकल गई थी, जबकि तीसरी डाक कांवड़ रात करीब नौ बजे निकली। इसमें नीरज पुत्र धर्मवीर, सचिन पुत्र बले, गौरव पुत्र सतीश, बृजपाल, गौरव पुत्र महिपाल, तरुण पुत्र रविंदर और जयदीप पुत्र महिपाल बैठे थे। घर से निकलने के बाद सभी कांवड़िए गांव के मंदिर में दर्शन करने गए थे। इस बीच सभी कांवड़ियों ने गाड़ी में डीजे लगाया। पूरी तैयारी करने के बाद सभी कांवड़िए हरिद्वार के लिए रवाना हुए। जैसे ही सभी बंथला चिरोड़ी रोड पर पहुंचे तो सामने से गैस सिलिंडर से भरा ट्रक आ गया। उसके चालक ने अपना ट्रक निकालने का प्रयास किया लेकिन वह डाक कांवड़ से टकरा गया। डाक कांवड़ के चालक ने जैसे ही दूसरी तरफ गाड़ी मोड़ने का प्रयास किया तो वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। परिजनों ने अधिकारियों से आर्थिक मुआवजा की मांग और ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम और पुलिस अधिकारी ने दिया आश्वासन
घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों ने तुरंत डाक कांवड़ और ट्रक को हटवा दिया। एसडीएम साल्वी अग्रवाल ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। देर रात तक मुख्य रोड पर परिजनों का हंगामा और धरना प्रदर्शन चलता रहा। उधर, झुलसे कांवड़ियों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एसीपी रजनीश उपाध्याय का कहना है कि करंट से झुलसे कांवडियों को अस्पताल पहुंचाया गया । परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जांच के बाद आरोपी चालक पर कार्रवाई होगी।