एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-दो में रहने वाली दीप्ति साहू के मुताबिक 13 जून को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप 311 मार्केट ग्रुप लाइट हाउस में जोड़ा गया। जहां शेयर ट्रेडिंग के टिप्स दिए जाते थे। नौ जुलाई को उनका खाता खोलकर 10 जुलाई से ट्रेडिंग शुरू कराई गई। पीड़िता से आठ अगस्त तक कई बैंक खातों में 12.30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने अपने खाते से रुपये निकालने चाहे तो उनसे अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई। परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की है।
खोड़ा की आजाद विहार कालोनी निवासी हरिदत्त बवाड़ी के मुताबिक 22 जुलाई को उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आने शुरू हुए। 23 जुलाई को भी ऐसा ही हुआ। सुबह उन्होंने देखा कि उनके मोबाइल पर कई ट्रांजेक्शन मैसेज आए हैं जिनसे पता चला कि उनके खाते से छह लाख पांच हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए गए हैं। पीड़ित ने बैंक जाकर पता किया तो बैंककर्मियों ने बताया कि उनके मोबाइल पर ओटीपी मैसेज भेजे गए थे। पीड़ित को जानकारी करने पर पता चला कि उनका मोबाइल हैककर खाते से रुपये निकाले गए हैं। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की है।
एडीसीपी अपराध ने बताया कि दोनों पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं, बैंक स्टेटमेंट स्क्रीनशॉट, लिंक आदि पीड़ितों ने मुहैया कराए हैं, जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी।