गाजियाबाद। साइबर क्राइम की टीम ने फर्जी वेबसाइट के जरिये लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार कर उनसे ठगी के रुपये बरामद किए गए हैं। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का दावा है कि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस गिरोह का मुखिया छोटू उर्फ छोटेलाल ने साइबर ठगी से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है और बिहार में इसका एक मॉल के साथ-साथ अन्य व्यापार भी हैं। एडीसीपी अपराध ने बताया कि 25 सितंबर को लोहा कारोबारी सुभाष त्यागी ने गूगल पर सरिया खरीदने के लिए वेबसाइट खोली। वेबसाइट पर सरिया बेचने के नाम पर साइबर ठगों ने कारोबारी से 14.90 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर टीम ने खोजबीन की तो अक्तूबर माह में कोलकाता से जेल भेजे एक साइबर ठग रोहित राव का नाम उजागर हुआ। इससे बरामद मोबाइल की जांच की गई तो उसके अन्य साथियों का पता चला।
टीम ने छोटू उर्फ छोटेलाल (28) और उसके साथी राजेश रंजन उर्फ अजय निवासीगण ग्राम पलनी थाना मानपुर जनपद नालंदा बिहार को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह गूगल पर ज्यादा से ज्यादा सर्च होने वाली वेबसाइट की जानकारी लेते हैं। दो हजार रुपये में ऐसी ही फर्जी वेबसाइट बनाते हैं और गूगल पर उसका विज्ञापन कराते हैं। मोबाइल उपभोक्ता जैसे ही सर्च करता है तो सूची में सबसे ऊपर उनकी बनवाई गई फर्जी वेबसाइट के द्वारा लोगों से ठगी करते हैं।
सरिया कारोबारी से भी जिंदल स्टील और पॉवर लि. की फर्जी वेबसाइट बनाकर 14.90 लाख की ठगी की थी। बताया कि उन्होंने हरिद्वार स्थित पतजंलि योगपीठ में कमरा बुक कराने के नाम पर ठगी की है। पांच सदस्यों का यह गिरोह बिहार के नालंदा जिला के बिहार शरीफ कस्बे से संचालित हो रहा था। इस गिरोह के पांच में से तीन गिरफ्तार हो चुके हैं। लोहा कारोबारी से ठगे गए 14.90 में से 1.77 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। इस गिरोह के विकास और चंदन नाम के ठग अभी भी फरार हैं।
छोटू के बड़े कारनामे, मॉल का बना मालिक
एडीसीपी सच्चिदानंद का दावा है कि बीए पास छोटू उर्फ छोटेलाल कोलकाता और बिहार से फर्जी आईडी पर सिम खरीदकर और वेबसाइट के जरिये लोगों के साथ ठगी करता था। कोरोना काल में उसने लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की। इसके खिलाफ दिल्ली में तीन और सोनीपत हरियाणा सहित तीन मुकदमे पंजीकृत है। बताया कि छोटू का नवादा बिहार में अपना मॉल है और जिसका लाखों रुपये मासिक किराया वसूलता है। गिरफ्तार राजेश रंजन उर्फ अजय इसका साथी है और गिरोह को ठगी की धनराशि के 15 प्रतिशत कमिशन पर बैंक खाते और डेबिट कार्ड मुहैया कराता था। इसके साथ ही एटीएम से ठगी गई धनराशि निकालकर उन्हें सौंपता था। आरोपी से 29 एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं।