बजरिया के होटल में मिले कपल्स के मामले में कोतवाली पुलिस ने 44 ‘रोमियो’ को जेल भेज दिया है, जबकि महिलाओं और युवतियों को थाने से ही जमानत देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दूसरी ओर, इसी मामले में एसएसपी ने कोतवाली इंस्पेक्टर को भी लाइन हाजिर किया है।
कोतवाली पुलिस ने जिस समय महिलाओं और युवतियों को उनके परिजनों को दिया तो सभी का चेहरा शर्म से झुक गया। यही नहीं, कुछ महिलाएं और युवतियां तो कोतवाली में खड़ी होकर रोने लगीं। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो युवतियों के परिजन इतने नाराज थे कि वह अपने बेटियों और बहनों को घर भी नहीं ले जाना चाहते थे।
कई ने तो पुलिस के सामने ही युवतियों को खरीखोटी सुना दी तो कई ने थाने में ही हाथ उठा दिया। वहीं, पकड़े गए युवकों और अधेड़ उम्र के लोगों के भी परिजन थाने आए थे, वे भी उन्हें भला-बुरा कह रहे थे। यह सभी गाजियाबाद और दिल्ली के रहने वाले थे।
बता दें कि सोमवार को बजरिया स्थित दो होटलों देवेंद्र और आर्यदीप में पुलिस ने छापामारी कर 51 जोड़ों को पकड़ा था। इनमें से सात जोडे़ पति-पत्नी थे, जिन्हें रात में ही छोड़ दिया गया था, जबकि 44 जोड़े हिरासत में थे। इस मामले में एसएसपी ने सीओ फर्स्ट इंद्रपाल को हटा दिया था, जबकि बजरिया चौकी प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था।
हालांकि पहले भी होटलों के खिलाफ शिकायतें मिलती थीं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी। लोग इस कार्रवाई को सूबे की नई सरकार से जोड़कर देख रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि सरकार बदलने के बाद अफसर अलर्ट हुए हैं। एसपी सिटी सलमान ताज का कहना है कि पुलिस ने देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की गतिविधियां नहीं चलने दी जाएंगी और सभी थाना क्षेत्र में चल रहे होटलों की नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं।
पैसे क्यों नहीं दिखाए
पकड़े गए जोड़ों के पास से पुलिस ने नगदी बरामद होना नहीं दिखाया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इनके पास क्या पैसे नहीं थे। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने पैसों के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की है।