परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर काटे जा रहे ऑनलाइन टैक्स से वाहन मालिक परेशान हैं। वाहन चालक और मालिक पहचान ही नहीं पा रहे हैं कि असली-नकली रसीद में अंतर क्या है। नकली रसीद पकड़े जाने पर अफसर वाहन सीज कर रहे हैं और वाहन चालकों पर टैक्स का छह गुना जुर्माना लगाया जा रहा है।
एआरटीओ प्रवर्तन शेर सिंह यादव ने बताया कि मानकों के अनुरूप विभाग के खाते में टैक्स जमा कराने की जिम्मेदारी वाहन मालिक की है। कहां पर किस तरह फर्जीवाड़ा हुआ, यह उसे देखना है।
टैक्स की फर्जी रसीद मिलने पर अब वाहन का चालान करने की बजाय सीज किया जाएगा। इसके साथ ही टैक्स से छह गुना जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नकली रसीद मिलने पर सीज वाहन को छोड़ने से पहले वाहन मालिक को टैक्स काटने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी होगी।
रिपोर्ट की छाया प्रति मिलने पर ही वाहन रिलीज किया जाएगा। रिपोर्ट दर्ज न कराने पर विभाग वाहन मालिकों को फर्जीवाड़े का आरोपी बनाएगा।
विभागीय बूथ पर ही जमा कराएं टैक्स
एआरटीओ प्रशासन केपी गुप्ता ने बताया कि टैक्स की फर्जी रसीदों से बचने का एक ही तरीका है कि टैक्स विभाग के बूथ पर ही जमा कराएं। अब टैक्स जमा कराने के लिए विभाग के काउंटर सभी सातों दिन पूरे साल दिन रात खुले रहेंगे।