पतंग में कन्नी बांधने से इनकार करने पर दो बच्चों ने छड़ी मारकर छह साल के मासूम की दाहिनी आंख फोड़ दी। आनन-फानन में परिजन बच्चे को अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों को उसकी आंख निकालनी पड़ी है।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बृहस्पतिवार को एक आरोपी बच्चे को बाल सुधार गृह भेज दिया। वहीं, पीड़ित के परिजनों का कहना है कि आरोपी बच्चों के परिजन शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
मामला भोजपुर थाना अंतर्गत सैदपुर गांव का है। एसओ शिव प्रकाश सिंह के मुताबिक, गांव निवासी आबिद का छह वर्षीय बेटा अहद 10 मार्च को अपने ताऊ फैमू की छत पर खेल रहा था तभी पास में रहने वाले दो बच्चे वहां आए, जिनकी उम्र 15 और 12 साल है। दोनों सगे भाई हैं।
दोनों भाइयों ने अहद से पतंग में कन्नी बांधने को कहा। अहद ने बताया कि उसने एक बार कन्नी बांध दी लेकिन दोबारा बांधने से इनकार करने पर एक भाई ने उसे पकड़ लिया और दूसरे ने छड़ी मारकर उसकी आंख फोड़ दी।
रोते हुए अहद घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती बताई। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां से पहले उसे मेरठ और बाद में एम्स, दिल्ली के लिए रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी दाहिनी आंख निकालनी पड़ी।
एसओ ने बताया कि पीड़ित के पिता आबिद की ओर से 21 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर छड़ी मारकर आंख फोड़ने के आरोपी एक बच्चे को पुलिस ने बाल सुधार गृह भेज दिया है।
उधर, अहद के पिता का आरोप है कि आरोपी बच्चों के परिजनों पर उन पर एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खेल-खेल में तीन मासूमों की जिंदगी तबाह
दाहिनी आंख निकलने के बाद अब अहद एक आंख से ही दुनिया देख पाएगा। अहद के पिता आबिद चंडीगढ़ में कपड़े की फेेरी लगाते हैं। पांच भाई-बहनों में अहद चौथे नंबर का है। बेटे की एक आंख निकाले जाने से मां शायदा का रो-रो कर बुरा हाल है। बता दें कि बाल सुधार गृह भेजा गया आरोपी बच्चा कक्षा पांच में जबकि उसका भाई छठवीं कक्षा में पढ़ता है।