सहारनपुर के प्रधान डाकघर में हुए आरडी घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने सहायक डाकपाल को दस और काउंटर क्लर्क को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सीबीआई विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने दोनों पर कुल मिलाकर चार लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
वर्ष 2005-06 में सहारनपुर में हुए इस चर्चित डाक घोटाले में सहायक डाकपाल ब्रजभूषण पाल और काउंटर क्लर्क वीरेंद्र कुमार के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। मामला डाकघर में विभिन्न लोगों द्वारा खुलवाए गए आरडी अकाउंट का था।
इनमें से 12 आरडी अकाउंट से आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर 4.39 लाख रुपये की रकम निकाल ली थी। सीबीआई की ओर से मामले की पैरवी करते हुए वरिष्ठ लोक अभियोजक नईम राजा ने बताया कि इस मामले में दो सगे भाई प्रशांत त्यागी, सुशांत त्यागी और उनके पिता पूरनचंद त्यागी को भी आरोपी बनाया गया था। प्रशांत और सुशांत को कोर्ट पिछले साल ही सजा सुना चुकी है जबकि उनके पिता पूरनचंद अब तक फरार हैं।
वरिष्ठ लोक अभियोजक ने बताया कि 2008 में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने जनवरी 2009 में मामले की चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। दो दिन पूर्व कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया था।
बृहस्पतिवार को सजा पर बहस पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने ब्रजभूषण पाल को दस कारावास के साथ ही 3.5 लाख का जुर्माना और वीरेंद्र कुमार को सात साल कैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।