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50 से ज्यादा लूट करने वाले दो गिरफ्तार

Sun, 18 Sep 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली पुलिस ने सरगना समेत भातू गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है जबकि गैंग के चार बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। यह गैंग बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, गुजरात, गाजियाबाद और दादरी में 50 से ज्यादा लूट की वारदातें कर चुका है। बैंकों से पैसे निकालकर ले जा रहे लोग इनके निशाने पर होते थे।
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पकड़े गए लुटेरों में संदीप उर्फ पाटिल और चेतन हैं। दोनों सिविल लाइन थाना क्षेत्र आदर्श कालोनी मुरादाबाद के रहने वाले हैं। संदीप गैंग लीडर है, वह तीन बार जेल जा चुका है। इन्हें डकैती की साजिश रचते हुए जीटी रोड पर साईं उपवन के पास ट्यूबवेल के पीछे से दबोचा गया। इनसे बाइक, तमंचा और चाकू बरामद किए हैं।

इनके साथी सुशील उर्फ बड्डा, रोहित उर्फ गुटपुल्ला, अरविंद और मोना पुलिस को चकमा देकर भाग गए। यह चारों भी मुरादाबाद सिविल लाइंस क्षेत्र के रहने वाले हैं।एसपी सिटी ने बताया कि इस गैंग ने 16 जुलाई को शास्त्रीनगर में प्लास्टिक दाना कारोबारी कौशलेंद्र से सात लाख रुपये लूटे थे। इनके दो साथी पकड़े गए थे जबकि बाकी भाग गए थे।
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दो माह पहले दादरी में ढाई लाख लूटे थे। इसके अलावा कई प्रदेशों में वारदातें कर चुके हैं। मुरादाबाद से ट्रेन में बैठकर गाजियाबाद आते थे, रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बाइक खड़ी रखते थे। वारदात कर ट्रेन से ही मुरादाबाद भाग जाते थे।

पीएनबी से मोटी रकम लेकर निकलने वाले पर निशाना
पुलिस को छानबीन में पता चला है कि घंटाघर के पास स्थित पीएनबी से मोटी रकम लेकर निकलने वाले किसी भी व्यक्ति को ये लूटने वाले थे। इनका एक साथी बैंक से उक्त व्यक्ति के पीछे चलता और रास्ते में घात लगाए बैठे अपने साथियों को इशारा करता। इसके बाद ये वारदात कर फरार हो जाते।

भातू गैंग की खासियत
भातू गैंग माफिया गिरोह की तरह काम करता है। छत्तीसगढ़ और मुरादाबाद में इनके ठिकाने हैं। यह गैंग किसी शहर में अधिक समय तक नहीं टिकता है। अपने असली ठिकाने पर पहुंचने के बाद गैंग के सदस्य बकरा काटकर जश्न मनाते हैं। गैंग की महिलाएं इनकी सुरक्षा के लिए जमानतदार पहले से तैयार रखती हैं।
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पकड़े जाने पर यह गैंग वारदात कबूल लेता है, मगर पैसे बरामद नहीं कराते हैं।
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