डासना में प्रस्तावित ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के लूप का डिजाइन बदला जा सकता है। एक्सप्रेसवे का एक पिलर कब्रिस्तान की भूमि में आने और इसके बडे़ हिस्से से इलाके की एक बड़ी आबादी प्रभावित होने से एनएचएआई लूप डिजाइन बदलने पर विचार कर सकती है।
किसान संघर्ष समिति ने इसके लिए एनएचएआई को एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेज भी दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ माह पूर्व ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करते हुए एनएचएआई को निर्देश दिए थे कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
गाजियाबाद में भी तत्कालीन डीएम विमल कुमार शर्मा और एडीएम भू-अर्जन घनश्याम सिंह ने इसका शिलान्यास करके काम शुरू करा दिया था। अब किसानों के मुआवजे की मांग और इसके लूप डिजाइन को लेकर मामला फिर खटाई में है।
डासना के पास ही स्थित सुंदरदीप कॉलेज का बड़ा हिस्सा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की भेंट चढ़ सकता है। दरअसल डासना के पास इस एक्सप्रेस-वे के लिए लूप बनाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान डिजाइन के अनुसार इस लूप में सुंदरदीप के साथ ही पास ही स्थित कब्रिस्तान और काफी बड़ी आबादी का हिस्सा आ रहा है।
इसी के चलते अब किसानों के साथ ही स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। ऐसे में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य भी फिलहाल रुका हुआ है। एडीएम भू अर्जन घनश्याम सिंह ने बताया है कि मुआवजा राशि को लेकर किसानों का कुछ स्थानों पर विरोध है।
इसके अलावा कब्रिस्तान में एक्सप्रेस-वे का एक पिलर आने से वहां विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के ज्ञापन को एनएचएआई भेजा गया है। वहीं से अब फाइनल निर्णय होगा।