चित्रकूट। शहर में लड़कियों की सुरक्षा से लेकर चोर उच्चकों पर नजर रखने के लिए कोई सीसीटीवी कैमरे का इंतजाम मुख्य बाजार में नहीं है। दो साल पहले इन मार्गों पर लगाए गए कैमरे कहां गायब हो गए किसी को नहीं पता। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि जल्द ही नई व्यवस्था में कैमरे लगवाए जाएंगे।
कुछ स्थानों पर पुलिस विभाग द्वारा लगाए गये सीसीटीवी कैमरे खराब पडे़ है। जिससे अपराध करने वाले बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए ट्रैफिक चौराहा सहित नई बाजार, कोतवाली के सामने व कई अन्य स्थानों पर पुलिस विभाग की तरफ से सीसीटीवी कै मरे लगाए गये थे। यह कैमरे मात्र कुछ ही दिन चले इसके बाद कार्य करना बंद कर दिया। जिनकी आज तक कोई सुध लेने वाला नहीं है।
दिल्ली का निर्भया कांड हो या बुंदेलखंड के जालौन में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद राह चलती महिलाआें की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहें हैं। आधुनिक यंत्रों से लैस पुलिस अधिकारी दावा करते हैं। कुछ स्थानों पर सुरक्षा बल,यूपी 100 व महिला हेल्प लाइन चालू है। जिससे अपराधियों पर अंकुश रखा जा रहा है लेकिन मुख्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे कहां गायब हो गए उसका पता नहीं है। सीओ राजेश तिवारी और कोतवाल मो.शरीफ खान ने बताया कि कोतवाली में तो सीसीटीवी कैमरा लगा है लेकिन शहर के कुछ स्थानों पर लगे कैमरों की जानकारी नहीं है। विभाग से इसकी जानकारी कर जरूरत वाले स्थानों पर इसे लगवाया जाएगा।
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चित्रकूट की निर्भया के नहीं मिले हत्यारे
चित्रकूट। निर्भया के दरिंदों को तो सजा ए मौत की सजा मिल गई लेकिन शहर में एक गरीब परिवार की दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग लड़की की हत्या का अभी तक खुलासा नहीं किया गया।
हत्या के चार माह बीत जाने के बाद भी खुलासा न होने पर समाज सेवी सहित राजनैतिक दलों के नेताओं में पुलिस के प्रति खासी नाराजगी है। गौरतलब है कि शहर के शंकर बाजार निवासी एक नाबालिग लड़की जो बाजार में कबाड़ बीनकर अपने परिवार का खर्च चलाती थी।
इसी साल जनवरी माह के मंकरसंक्राति के दिन उसका शव उसी के घर के पास स्थित शंकर बाजार में बोरे के अंदर मिला था। पुलिस अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताई है।
पोस्टमार्टम के दौरान उसकी स्लाइड बनवाकर जांच के लिए लखनऊ भेजी गई है। इस मामले को लेकर लड़की के पिता सहित समाज सेवियों सहित राजनैतिक दलों ने कई बार पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मामले का खुलासा करने की मांग की।
चार माह बीत जानेे के बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। समाज सेवी अभिमन्यु सिंह का कहना है कि गरीब परिवार को निर्भया की तरह इंसाफ मिलना चाहिए। इस मामले में कोतवाल मो.शरीफ खान ने कहा कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा होगा।