कविनगर पुलिस ने टावर लगाने का झांसा देकर ठगने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनसे लाखों रुपये का सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपी सुमित उर्फ कमल सिंह और अरुण कश्यप निवासी शताब्दीपुरम गोविंदपुरम हैं।
दोनों आरोपी 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। आरडीसी में कॉल सेंटर चला रहे थे, जहां से वे अखबार में विज्ञापन देकर लोगों को टावर लगवाने के लिए आमंत्रण देते थे। विज्ञापन पढ़कर दिए नंबर पर कॉल करने वाले लोगों को वह मोबाइल टावर लगवाने का झांसा देकर एडवांस रुपये लेकर ठगी करते थे।
आरोपियों ने बताया कि वह एक साल में सौ से अधिक लोगों से करीब 50 लाख रुपये ठग चुके हैं। उन्होंने नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत और बुलंदशहर के लोगों को ज्यादा शिकार बनाया है।
पुलिस का कहना है कि अलीगढ़ निवासी महेंद्र और हैबतपुर बिसरख निवासी हेमचंद की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एक माह पहले कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के मोबाइल नंबर ट्रेस किए गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को आरडीसी स्थित ऑफिस से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो कंप्यूटर, एक लैपटॉप, प्रिंटर, 22 मोबाइल, टावर लगवाने के लिए बनाए गए फर्जी कागजात आदि बरामद किए हैं। इस संबंध में एसओ कविनगर का कहना है कि बृहस्पतिवार को ठगों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
आरोपी लड़कियाें से कराते थे कॉल
पुलिस का कहना है कि कॉल करने के लिए आरोपियों ने कॉल सेंटर पर कई लड़कियां रखी थीं, जो कॉल कर लोगों को मोबाइल टावर लगवाने का पूरा प्रोसेस समझाकर उन्हें एडवांस और रजिस्ट्रेशन रकम को एक बैंक अकाउंट में जमा करने को कहती थीं।
लड़कियों की बातों में आकर सैकड़ों लोग दिए गए अकाउंट में रकम जमा कर देते थे। एसओ ने बताया कि लोगों को ऐसे ठगों से सावधान रहना चाहिए। पूरी जानकारी करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।