दुहाई गांव में शुक्रवार को बड़ी बहन ने छोटी बहन को तालाब में डूबने से बचा लिया, मगर इसी बीच पैर फिसलने से तालाब में गिरकर वह डूब गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उसे तालाब से बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने मृतका का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है।
दुहाई गांव में पिंकी जाटव परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी रेखा, बेटा विक्की, बेटी मानसी और पलक के अलावा बेटी खुशबु भी थी। पिंकी सिलाई का काम कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। पिंकी जाटव की बेटी खुशबु (11) गांव के स्कूल में पांचवीं की छात्रा थी।
शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खुशबु और पलक (4) मकान के पीछे तालाब के पास खेल रहीं थीं। खेलते वक्त पलक का पैर फिसलने से वह तालाब में गिर गई और डूबने लगी। छोटी बहन की चीख सुनकर खुशबु ने पलक का हाथ पकड़ लिया और उसे बाहर खींच लिया।
पलक को बाहर निकलते ही खुशबु का पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गई। पलक के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण जमा हो गए तब तक करीब 15 फीट गहरे तालाब में खुशबु डूब चुकी थी, ग्रामीणों ने तालाब में काफी देर तक उसकी तलाश की।
काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकालकर निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खुशबु की मौत से मां रेखा रो रोकर बुरा हाल है। एसओ हरिदयाल यादव ने बताया कि परिजनों ने मृतका का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।