लोनी। बेहटा हाजीपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह ट्रेन की छत पर सफर कर रहे चार युवक ओएचई वायर की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
शामली से दिल्ली जा रही पैसेंजर ट्रेन (74022) सुबह करीब आठ बजे बेहटा हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। भीड़ ज्यादा होने पर यात्रियों में धक्का-मुक्की होने लगी। कुछ युवक ट्रेन की छत पर बैठ गए।
इसी दौरान ऊपर से गुजर रही ओवर हेड इलेक्ट्रिक वायर की चपेट में आकर करंट से चार युवक बुरी तरह झुलस गए। चारों युवक ट्रेन की छत से नीचे आ गिरे। चीख-पुकार से स्टेशन पर हड़कंप मच गया।
तीन युवकों के दोस्त उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में ले गए, जबकि एक युवक सरफराज काफी देर तक पड़ा तड़पता रहा। वहां मौजूद ज्यादातर लोग तमाशबीन बने रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया।
सीओ लोनी अनिल यादव का कहना है कि सरफराज (25) निवासी विकास कुंज की हालत गंभीर है। शमीम (22) निवासी कावेरी सिटी लोनी को भी परिजनों ने जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
छत पर सफर कर रहे यात्री, रेलवे रिकार्ड में खाली चल रहीं ट्रेनें
लोनी। दिल्ली-शामली रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। यात्री जान जोखिम में डालकर छत पर सफर करने को मजबूर हैं, वही रेलवे के रिकार्ड में इस रूट पर ट्रेन खाली चल रही हैं।
यही वजह है कि रेलवे के आला अफसर इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग को भी तवज्जो नहीं दे रहे। लोनी (नोली) और बेहटा हाजीपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब सवा लाख लोग दिल्ली काम करने जाते हैं।
रेलवे अधिकारियों की मानें तो रूट पर केवल 40 प्रतिशत यात्री ही टिकट लेकर सफर करते हैं। टिकट चेकिंग के डर से लोग छतों और खिड़कियों पर लटक कर सफर करते हैं। चेकिंग के दौरान लोग छत और खिड़कियों से कूद कर भाग जाते हैं।
इससे रेलवे को नुकसान हो रहा है। साथ ही रिकार्ड में सारी ट्रेनें 60 प्रतिशत खाली चल रही हैं। स्टेशन अधीक्षक रोहताश सिंह का कहना है कि समय-समय पर चेकिंग की जाती है। लोगों को छतों पर बैठने से भी मना किया जाता है। लेकिन लोग मना करने के बावजूद छतों पर बैठते हैं।