विजयनगर पुलिस ने 40 से अधिक लोगों के पुराने नोटों को बदलकर नए नोट देने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से स्कैन कर बनाए गए करीब 30 लाख के फोटोकॉपी नोट और नोटनुमा कागज मिले हैं।
पकड़े गए आरोपी मोंटी निवासी विजयनगर क्रिश्चियन नगर बागू, अरविंद निवासी सिद्धार्थनगर विजयनगर और राहुल निवासी सिविल लाइन सूरजकुंड मेरठ हैं। विजयनगर एसएचओ नीरज सिंह ने बताया कि इन तीनों को एक सूचना के आधार पर बृहस्पतिवार रात जल निगम कट से गिरफ्तार किया गया। आरोपी टैक्सी नंबर की नई कार से लोगों को ठगने जा रहे थे।
एसएचओ ने बताया कि यह गैंग नोट बदलवाने के लिए बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों को बैंककर्मी बताकर नोट बदलने का झांसा देते थे। इस दौरान बैंकों के बाहर पहले से गैंग के दो-तीन लोग मौजूद होते थे, जो अन्य लोगों को भरोसा दिलाने के लिए इनके हाथ में अपना कैश दे देते थे।
इसके बाद जो इनके झांसे में आता था, उसे कार में बैठा लेते थे और उसके असली नोट लेकर उसे फोटोकॉपी किए गए नकली नोटों की गड्डी थमा देते थे। असली नोट स्कैन कर बनाए गए नकली नोट के फर्क को लोग तुरंत समझ नहीं पाते थे। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों का चालान कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
42 गड्डियां की गईं बरामद
एसएचओ ने बताया कि आरोपियों से 42 गड्डी बरामद हुई हैं। इनमें दो हजार रुपये के स्कैन किए हुए 28 नोट, हजार रुपये के दो नकली नोट, पांच सौ के छह नकली नोट और 100 के छह नकली नोट थे। इनके नीचे झांसा देने के लिए कागज की नोट जैसी गड्डी बनाई हुई थी।