फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम ने की करोड़ों की स्टांप ड्यूटी की चोरी

Thu, 01 Jun 2017 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
विज्ञापन
stamp duty - फोटो : demo pic
विज्ञापन
नगर निगम सालाना करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी कर रहा है। निगम ने अपनी संपत्तियों को किराए या लीज पर दे दिया लेकिन उसके बदले स्टांप ड्यूटी अदा नहीं की। अब स्टांप एवं निबंधन विभाग नगर निगम क्षेत्र के अधीन आने वाली इन संपत्तियों का ब्योरा तैयार कर निगम को नोटिस भेजने की तैयारी में है।
विज्ञापन


जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। स्टांप एवं निबंधन विभाग ने नगर निगम के अधीन आने वाले 48 गांवों की ग्राम्य संपत्तियों की जांच कराई, जिसमें करीब एक करोड़ 34 लाख वर्ग मीटर से अधिक की संपत्तियों की पड़ताल में पाया गया

कि नगर निगम ने बड़ी संख्या में पार्क, कालोनी, बिजलीघर, गंगाजल परियोजना जैसे अन्य कार्यों के लिए अपनी संपत्ति गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), विद्युत विभाग, जल निगम समेत अन्य विभागों को हस्तांतरित की है।
विज्ञापन


इसके बदले निगम ने इन विभागों से मोटी रकम किराए एवं लीज के तौर पर ली मगर इस पर कोई स्टांप ड्यूटी अदा नहीं की। उदाहरण के तौर पर सिहानी में 2.5 हेक्टेयर जमीन पेट्रोल पंप के नाम पर हस्तांतरित की गई लेकिन उस पर कोई स्टांप ड्यूटी नहीं दी गई। विभाग ने ऐसी करीब 600 से अधिक भूखंड एवं संपत्तियां चिह्नित की हैं।

विभाग ने प्रारंभिक जांच के साथ माना है कि यह करोड़ों की स्टांप ड्यूटी चोरी का मामला है, जिसको लेकर आगे भी विस्तृत जांच होनी चाहिए।

इन गांवों की जमीन की गई हस्तांतरित
नगर निगम ने जिन प्रमुख गांवों में अपनी जमीन को किराए एवं लीज पर दिया है, उनमें महीउद्दीनपुर कनावली, करहेड़ा, मकनपुर, कैला, सिहानी, सद्दीकनगर, बौंड़ा, हिजारसी पार्ट, शाहबाद उर्फ मिठ्ठेपुर शामिल हैं।

स्टांप एक्ट का सेक्शन-33 कहता है कि अगर कोई भी सरकारी विभाग अपनी भूमि को किराए या लीज पर देगा तो उसे स्टांप ड्यूटी देनी होगी। महामहिम राज्यपाल के अनुमोदन पर ही स्टांप ड्यूटी से छूट दी जा सकती है।

ऐसे में अगर कोई संस्था 30 साल से कम के लिए अपनी संपत्ति किराए पर दे रही है तो निर्धारित किराए की चार फीसदी स्टांप ड्यूटी देनी होगी। अगर उससे अधिक समय के लिए संपत्ति कराए या लीज पर दी जाती है तो सर्किल रेट के हिसाब से सात फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में साफ हुआ है कि नगर निगम ने करोड़ों की स्टांप ड्यूटी नहीं दी है। उसने बड़ी संख्या में अपनी संपत्ति दूसरे विभागों को हस्तांतरित की है। इसी को लेकर नगर निगम को नोटिस भेजा जा रहा है।
विज्ञापन


- राजेश शर्मा, सहायक आयुक्त स्टांप
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें