सिहानी गेट थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक बदमाश ने अस्पताल से घर लौट रहीं नर्स से पर्स लूटने की कोशिश की। नर्स लुटेरे से भिड़ गईं, इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए लेकिन उन्होंने पर्स नहीं छोड़ा। हालांकि बदमाश उनका मोबाइल लूटकर भाग निकला।
पीड़ित अलका सिंह पत्नी सत सिंह निवासी रजापुर गांव हैं। वह लोहिया नगर स्थित मधु नर्सिंग होम में सीनियर नर्स के पद पर पिछले आठ साल से कार्यरत हैं। अलका ने बताया कि शुक्रवार रात वह अस्पताल से छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं।
बसंत चौक पर वह ऑटो के इंतजार में खड़ी थीं तभी पीछे से बाइक सवार युवक आया और उनसे टाइम पूछने लगा। उन्होंने उसे इग्नोर कर दिया। इसके बाद युवक ने उनसे कहा कि मैडम, मुझे ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जाना है, प्लीज टाइम बता दो।
इसके बाद वह पर्स में रखा मोबाइल निकालकर टाइम देखने लगीं, तभी युवक ने झपट्टा मारकर उनका पर्स छीनना चाहा। उन्होंने विरोध किया तो युवक छीनाझपटी करने लगा। इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए लेकिन उन्होंने पर्स नहीं छोड़ा और शोर मचा दिया।
इसके बाद युवक उन्हें धक्का देकर उनके हाथ से मोबाइल लूटकर आगे खड़े साथी के साथ स्कूटी पर बैठकर भाग गया। हालांकि पर्स वह नहीं ले जा सका। पर्स में हजारों रुपये, एटीएम कार्ड और ज्वैलरी आदि थीं।
पुलिस ने मोबाइल गुम होने की तहरीर ली, दर्ज नहीं की रिपोर्ट
अलका ने बताया कि उन्होंने एक राहगीर के मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने जाने को कहा। शनिवार दोपहर पति के साथ जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने सिहानी गेट थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने लूट की बजाय मोबाइल गुम होने की तहरीर लिखवा ली।
उनका आरोप है कि पुलिस गंभीरता से कार्रवाई करने की बजाय उन्हें थाने के चक्कर लगवाना चाहती है। वहीं, इस संबंध में सीओ सेकेंड ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। अगर किसी पुलिसकर्मी ने लूट के मामले में दबाव बनाकर मोबाइल गुम होने की तहरीर ली है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।