मेरठ के सराफ मुकेश कुमार जैन के दो कर्मचारियों से हुई लूट में सराफ का पूर्व ड्राइवर सुशील ही मास्टर माइंड निकला। सुशील ने सराफ से बदला लेने के लिए लूट की साजिश रची थी।
पौने 12 लाख रुपये और 35 किलो चांदी की लूट की इस वारदात में शामिल चार बदमाशों को गिरफ्तार कर सिहानी गेट थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार को मामले का खुलासा किया।
चारों बदमाशों को लोहिया नगर के संजय गीता चौक से उस वक्त दबोचा गया जब वे कार से चांदी बेचने दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक एसेंट कार, 18 किलो चांदी की ईंटें और 9 एमएम की पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाश ऋतुराज निवासी कंकड़खेडा मेरठ, अनुज उर्फ विक्की निवासी मुजफ्फरनगर, सुशील निवासी मेरठ, राजकुमार निवासी ब्रह्मपुरी हैं। वारदात के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की गईं थीं।
सर्विलांस और अन्य सूचनाओं की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस इन बदमाशों तक पहुंची और लूटी गई चांदी भी बरामद कर ली। सराफ के पूर्व ड्राइवर सुशील ने बदला लेने की नीयत से लूट की पूरी साजिश रची और इसे अंजाम दिया।
एसएसपी ने बताया कि सुशील ने पिता के बीमार होने पर मुकेश जैन से पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसे सराफ ने देने से इनकार कर दिया था। उसके कुछ दिन बाद सुशील को लेकर मुकेश जैन परिवार के साथ अंबाला घूमने गए थे।
लौटते समय रास्ते में सुशील ने शराब पी ली, जिस पर मुकेश ने उसे रास्ते में ही गाड़ी से उतारकर नौकरी से निकाल दिया। तब से वह सराफ से बदला लेने की फिराक में था। सुशील ने बदमाश ऋतुराज से मुलाकात कर लूट की साजिश रची और ऋतुराज को सराफ के आने-जाने व व्यापार के बारे में जानकारी दी।
चार करोड़ के सोने की डकैती में सजायाफ्ता है रोहित
एसएसपी ने बताया कि लूट की वारदात में शामिल रोहित निवासी मेरठ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रोहित चार करोड़ की सोने की डकैती में हिमाचल प्रदेश से सजायाफ्ता है।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
ऋतुराज के नेतृत्व में नौ लोगों ने मिलकर लूट को अंजाम दिया। 28 मार्च को सराफ के कर्मचारी नीरज उर्फ नीटू और ड्राइवर मोनू करोलबाग (दिल्ली) स्थित सराफ की दूसरी दुकान पर जाने के लिए कार से निकले थे।
उनके पास 35 किलो चांदी और 11.75 लाख कैश था। ऋतुराज एसेंट कार से उनका पीछा कर रहा था। मेरठ बाईपास पर काले रंग की फारर्च्यूनर कार में कुख्यात बदमाश कुलदीप उर्फ कपिल उर्फ डाक्टर दरोगा की वर्दी पहनकर आगे की सीट पर बैठा था।
मेरठ की तरफ से सराफ के कर्मचारियों के आने पर वह भी उनके पीछे लग गया। बदमाशों ने पीछा कर मेरठ रोड तिराहे के पास कार को चेकिंग के बहाने रुकवा लिया और दोनों को अगवा कर मेरठ की ओर ले गए।
रास्ते में मोदीनगर पार कर गूनमेझा के जंगल में सराफ की स्विफ्ट डिजायर कार से चांदी और कैश को निकालकर फारर्च्यूनर में रख लिया। इसके बाद बदमाश कार और उसमें सवार कर्मचारी को नशीली गोलियां खिलाकर सैदपुर के पास फेंककर भाग गए थे।
कुलदीप भी अलवर में दबोचा
पुलिस की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम देने वाली शातिर बदमाश कुलदीप उर्फ कपिल उर्फ डाक्टर महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है। उस पर राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में धोखाधड़ी, लूट, डकैती, हत्या के 18 मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी के मुताबिक उसे भी अलवर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
ये बदमाश हैं फरार
लूट में शामिल दीपक निवासी मेरठ, गुलाब निवासी बीबीनगर (बुलंदशहर) और आशू निवासी गौतमबुद्धनगर अभी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
फारर्च्यूनर पर था पूर्व मंत्री के बेटे की कार का नंबर
पुलिस के मुताबिक जिस फारर्च्यूनर कार का प्रयोग लूट की वारदात में इस्तेमाल किया गया है। उस पर सपा सरकार में रहे एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे की ऑडी कार का नंबर था। फिलहाल फारर्च्यूनर बरामद नहीं हुई है।
टीम को आईजी करेंगे सम्मानित
लूट की वारदात को खोलने में लगी क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम को आईजी सम्मानित करेंगे। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सभी को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
गैंग के निशाने पर रहते थे सराफ
ऋतुराज के निर्देशन में चले रहे गैंग के निशाने पर सराफा व्यापारी रहते थे। गैंग के कुछ सदस्य सराफा व्यापारियों की रेकी करते थे। कुछ सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देते थे। यह गैंग मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा आदि जिले में वारदात को अंजाम देता था। वारदात के लिए गैंग द्वारा लग्जरी गाड़ी का प्रयोग करता था।