गंगनहर कांवड़ मार्ग पर बुधवार शाम 6:39 बजे ओवर टेक करने के चक्कर में वैगनआर कार असंतुलित होकर गंगनहर में जा गिरी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से कार सवार चार लोगों को गंगनहर से बाहर निकाल लिया गया।
गंभीर हालत में सभी को मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दो घंटे बाद क्रेन के जरिए जब कार बाहर निकाली गई तो उसकी सीट पर एक महिला मिली। उसे तत्काल गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं कार सवार दादा-पोती का देर रात 12.30 तक पता नहीं चल सका था। एनडीआरएफ की टीम में भी दादा-पोती की तलाश में लगा दी गई थी। गंगनहर में उनकी तलाश जारी थी। कार सवार लोनी डाबर कालोनी निवासी एक ही परिवार के सात सदस्य थे।
घटना निवाड़ी थाना क्षेत्र स्थित सौंदा पुल के पास हुई। एसओ सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक लोनी डाबर कालोनी निवासी रईस (50) , पत्नी रुखसाना (45), बेटे शान मोहम्मद (26), पुत्रवधू शाहीन (22) फरहीन (15) पुत्र रईस और दो बच्चों जुबी (5), जोया (3) के साथ मोदीनगर गोविंदपुरी डबल स्टोरी स्थित एक रिश्तेदारी में आए थे।
देर शाम ये लोग निवाड़ी होते हुए वैगनआर कार से वापस लोनी लौट रहे थे। कार शान मोहम्मद चला रहा था। कांवड़ मार्ग पर सौंदा पुल के पास ओवर टेक के चक्कर में कार असंतुलित हो गई और गंगनहर में जा गिरी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में स्थानीय गोताखोरों की मदद से रुखसाना, शान मोहम्मद बच्ची जुबी और फरहीन को गंगनहर से बाहर निकालकर मेरठ के जोहर अस्पताल में पहुंचाया। इसके बाद क्रेन और दमकल भी मौके पर पहुंची।
क्रेन की मदद से करीब नौ बजे कार समेत शाहीन को गंगनहर से बाहर निकाला गया। शाहीन को गंभीर हालत में गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर एसडीएम अतुल कुमार, सीओ देवेंद्र मिश्रा, तहसीलदार विजय शंकर, नायब तहसीलदार अभिषेक शाही पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक कार में सवार रईस और जोया नहीं मिल सके है। पुलिस गोताखोरों की मदद से तलाश करा रही है।
डाबर तालाब कालोनी में छाया मातम
मोदीनगर रिश्तेदारी में मिलने गए हाजी रईस और उनके परिवार की कार के गंगनहर में गिरने की सूचना से कालोनी में हड़कंप मच गया। चंद मिनटों में ही घटना की सूचना कालोनी में तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में रईस के घर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। लोग उनके घर में मौजूद सास को सांत्वना देते रहे।
डाबर तालाब कालोनी निवासी हाजी रईस के भाई हज करके वापस लौटे थे। बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे वह अपनी पत्नी रुखसाना, बेटे शान मोहम्मद, पुत्रवधु सानिया, बेटी फरहीन और पौतियां जूली व जोया को साथ लेकर कार से मोदीनगर स्थित उनके घर मिलने गए थे।
वापस लौटते समय कार गंगनहर में जा गिरी। रात करीब साढे़ आठ बजे हादसे की सूचना उनकी सास को मिली। उनके रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि कार में सवार पांच लोग मिल गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जबकि हाजी रईस और उनकी पत्नी का सुराग नहीं लग सका है। गोताखोर उन्हें खोजने में लगे हैं। जानकारी मिलने पर कालोनी की महिलाएं उनकी सांस को ढांढस बधाने में लग गई। साथ ही कुछ लोग एकत्र होकर घटना स्थल की ओर रवाना हो गए। देर रात तक कालोनी के लोग रईस के घर के बाहर जमा थे।