भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमला प्रकरण में हमलावरों ने एके-47 का नाम ‘मां तुझे सलाम’ रखा था। तेवतिया पर भी ‘मां तुझे सलाम’ कहते हुए ही गोलियां बरसाई गईं थीं। यह खुलासा किया है 16 घंटे के लिए रिमांड पर लिए गए तीन हमलावरों ने, जिनकी निशानदेही पर फॉर्च्यूनर की चाभी, मोबाइल और बाइक बरामद की गई है।
मुरादनगर पुलिस ने शनिवार को राहुल त्यागी दोझा बिनौली बागपत, निशांत भदौरिया प्रताप विहार और राम उर्फ रामकुमार निवासी महरौली गाजियाबाद को रिमांड पर लिया। पुलिस हमलावरों को लेकर घटनास्थल पर गई और वारदात के बारे में जानकारी की।
एसपी देहात राकेश पांडे ने बताया कि रेकी में शामिल बाइक और मोबाइल राम उर्फ रामकुमार के घर से बरामद हुआ है जबकि निशांत भदौरिया की निशानदेही पर मोदीनगर में सीकरी के जंगल से फॉर्च्यूनर की चाभी मिली है।
पूछताछ और छानबीन में पता चला है कि ब्रजपाल तेवतिया पर हमले की योजना करीब दो-तीन महीने पहले बननी शुरू हो गई थी। एक बार पहले भी हमले की योजना तैयार की गई थी, जिसमें राहुल त्यागी साथ था, मगर तब वारदात नहीं कर सके थे।
इसके बाद राहुल त्यागी गाजियाबाद में ब्रजपाल तेवतिया की हर गतिविधि पर नजर रखने लगा था। इस दौरान हमलावरों को पता चल गया था कि 11 अगस्त को ब्रजपाल मुरादनगर में कहां-कहां जाएंगे।
10 अगस्त को रामकुमार ने बाइक पर मुरादनगर में ब्रजपाल के जाने वाली संबंधी जगहों का जायजा लिया और रावली रोड स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के सामने हमले के लिए जगह तय की।
11 अगस्त को रामकुमार स्कूटी पर सवार होकर ब्रजपाल तेवतिया की स्कार्पियो कार के आसपास रहा और जैसे ही वह एक गमी (मौत) से होकर गाजियाबाद जाने के लिए कार में सवार हुए, तभी से वह लगातार मोबाइल फोन पर फॉर्च्यूनर में सवार हमलावरों को सूचना देता रहा।
हमले के बाद वह स्कूटी लेकर मोदीनगर की ओर फरार हो गया था। रामकुमार ने तीन वाहनों बाइक, बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी से रेकी की थी।
डेमो करके बरामद की गई चाभी
मोदीनगर के सीकरी गांव के जंगल में पुलिस निशांत भदौरिया को लेकर पहुंची और हमले में शामिल फॉर्च्यूनर कार की चाभी तलाश की। पहली बार में पुलिस बैरंग लौट आई।
एसपी देहात के कहने पर पुलिस दोबारा सीकरी गांव के जंगल गई और डेमो बनाते हुए चाभी बरामद की। एसपी देहात ने बताया कि हमलावरों ने बरामद एके 47 का नाम फिल्मी तर्ज पर मां तुझे सलाम रखा था।
नौ अगस्त को घर पर होना था हमला
ब्रजपाल तेवतिया पर पहले नौ अगस्त को हमले की योजना थी। इसके चलते राहुल त्यागी हमलावरों के साथ उसके घर पर नजर रखे हुए थे, मगर उस दिन किसी वजह से ब्रजपाल पर हमला नहीं हो सका था।
12 घंटे बाद ही भेजा जेल
पुलिस ने सुबह सात बजे तीनों को रिमांड पर लिया था। 12 घंटे बाद ही शाम करीब सात बजे उन्हें वापस जेल भेज दिया गया, क्योंकि 16 घंटे रात 11 बजे पूरे होते।
मनीष-मनोज पर शिकंजा
एसपी देहात ने बताया कि पुलिस ने मनीष और मनोज पर भी शिकंजा कस दिया है। उनकी तलाश में दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान आदि जगहों पर दबिश दी जा रही है।