रावली रोड पर बृहस्पतिवार रात हुए शूटआउट में पुलिस के हाथ खाली हैं। बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई टीम गठित की गईं हैं। इस मामले में दरोगा, सिपाही और पीड़ित की तरफ से अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वारदात में प्रत्युत कार बदमाशों ने मसूरी थानाक्षेत्र से 21 मई को चोरी की थी। यह कार बाबू खान निवासी रामपुर की है। सूत्रों की मानें तो कार पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी है।
पीड़ित अंकुर सिंघल, पुलिस की हाईवे -11 के सिपाही राजवीर सिंह और चुंगी नंबर तीन चौकी प्रभारी पंकज यादव ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी देहात राकेश पांडे ने बताया कि बदमाशों की तलाश के लिए कई टीम गठित की गई है।
घटना स्थल पर पुलिस पिकेट और बैरिकटिंग लगा दी गई है। टेलीफोन एक्सचेंज के पास बढ़ती अपराधिक वारदात को देखते हुए लोगों ने पुलिस चौकी या चेकपोस्ट बनवाने की मांग की है।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे रावली रोड टेलीफोन एक्सचेंज के पास लग्जरी कार में सवार 4-5 बदमाशों ने हथियारों के बल पर कार सवार सराफा व्यापारी शाहबाज और क्राकरी व्यापारी अंकुर सिंघल निवासी सक्को वाली गली को बंधक बना लिया था।
इसी बीच गश्त करती पुलिस की हाईवे-11 मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस को देख बदमाश फायरिंग करते कार में सवार होकर रावली की ओर भागने लगे थे। बदमाशों की गोली पैर में लगने से सिपाही प्रवीण घायल हो गया था।
पीछा करने पर बदमाश काकड़ा गांव के हनुमान मंदिर के पास कार छोड़कर फरार हो गए थे। बदमाशों की तलाश में कई थानों पुलिस ने रात में ग्रामीणों के साथ काबिंग की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।
हाईवे पर अबूपुर के पास देखी कार
पीड़ित अंकुर और शाहबाज ने बताया कि मेरठ से लौटते वक्त हाईवे पर अबूपुर के पास कार को अपनी कार से आगे देखा था। सड़क के बीच में कार चल रही थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया था।