निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने बुधवार को भी करीब दो घंटे तक अपनी बहस स्वयं की। बाकी बहस के लिए विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने अब 11 मई की तारीख नियत की है। इससे पूर्व डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद निठारी कांड के आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
निठारी कांड के एक मामले में बचाव पक्ष की फाइनल बहस चल रही है। इस केस में खूनी कोठी डी-5 के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर भी आरोपी है। बुधवार दोपहर लंच के बाद कोली दो अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट में पेश हुआ। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके सीनियर आज किसी कारणवश आ नहीं सके हैं, ऐसे में मामले में आगामी तारीख दे दी जाए।
इस पर सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी सिंह ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कोली पूर्व में ही अपने अधिवक्ता का वकालतनामा खारिज करने की अर्जी दे चुका है। ऐसे में उनके अधिवक्ता अब बहस नहीं कर सकते।
इसके बाद आरोपी सुरेंद्र कोली ने स्वयं ही बहस शुरू की। कोली का कहना था कि कोठी के अंदर से जो माल बरामदगी की फर्द थीं, उस पर मोनिंदर सिंह पंधेर के भी हस्ताक्षर थे, मगर उसे आरोपी नहीं बनाया गया। इस प्रकार पुलिस ने झूठी रिपोर्ट पेश की है।
इसका जवाब देते हुए विशेष लोक अभियोजक का कहना था कि मामले में तत्कालीन सीओ दिनेश यादव की गवाही कराई गई थी। दिनेश यादव ने अपने बयान में बताया था कि पंधेर को गिरफ्तार कर कोठी के बाहर ही रखा गया था। कोठी के अंदर से जो भी चीजें बरामद की गई थीं, वह सुरेंद्र कोली की निशानदेही पर ही बरामद की गईं थीं।