मंडोला गांव में शुक्रवार को आवास विकास परिषद के निर्माण कार्य को रुकवाने पहुंचे किसानों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ। पहले किसानों ने सरकारी जेसीबी पर कब्जा जमा लिया। अफसरों ने समझाने की कोशिश की, मगर किसान नहीं माने।
इस पर पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसा दीं, जिसमें दर्जनों किसान घायल हो गए। गुस्साए किसानों ने भी पुलिस पर मिट्टी के ढेले फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस ने 56 महिला-पुरुषों को हिरासत में लिया तो किसानों ने दिल्ली-सहारनपुर स्टेट हाईवे-57 जाम कर दिया।
पुलिस ने वाहनों को मंडोला विहार योजना की ओर डायवर्ट कर निकाला। मौके पर डीएम और एसएसपी भी पहुंचे, मगर किसानों से बात नहीं की।शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे आविप की जेसीबी मंडोला गांव के खेत में निर्माण कार्य के लिए पहुंची। जैसे ही किसानों को भनक लगी, वह मौके की ओर दौड़ पडे़।
जरा सी देर में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसान मौके पर एकत्र हो गए। किसानों ने जेसीबी पर कब्जा कर लिया। अफसरों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। किसानों का कहना था कि जब तक मंडोला योजना में बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिलेगा, निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
आक्रोश बढ़ता देख अफसरों ने मौके पर पुलिस-पीएसी बुला ली। एसडीएम प्रेमरंजन सिंह ने किसानों को दस मिनट का समय मौके से हटने के लिए दिया लेकिन जब किसान नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसानों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया। करीब डेढ़ घंटे तक संघर्ष चलता रहा।
इसके बाद पुलिस ने 56 लोगों को हिरासत में ले लिया। बवाल की सूचना पर डीएम मिनिस्ती एस. और एसएसपी एचएन सिंह भी मौके पर पहुंचे। हालांकि किसानों से कोई वार्ता नहीं की।
पुलिस-प्रशासन के इस रुख को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर जमा हो गए और जाम लगाकर हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ने की मांग की। शाम करीब पांच बजे से छह बजे तक किसान हाईवे पर डटे रहे। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ऐसे में पुलिस को रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकालना पड़ा। इस दौरान किसानों के पथराव से सीओ की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।जब किसान शाम छह बजे तक हाईवे से नहीं हटे तो प्रशासनिक अधिकारियों ने डेढ़ घंटे में सभी लोगों को छोड़ने का आश्वासन दिया। हिरासत में लिए गए किसानों को हरसांव स्थित पुलिस लाइंस में रखा गया।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर और भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत त्यागी भी पुलिस लाइन पहुंचे। देर रात हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ दिया गया।