सिद्धार्थ विहार में महेश (45) ने बिजली के टावर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छुट्टी कर लेने की वजह से इस बार उनके बेटे को दो हजार रुपये सैलरी कम मिली थी, जिस कारण दोनों में झगड़ा हुआ था। इससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
महेश शाहजहांपुर के थे। पल्लेदारी करते थे। बहरामपुर में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। पत्नी सब्जी बेचती है। बेटा नोएडा की एक निजी कंपनी में दस हजार रुपये महीना सैलरी पर नौकरी करता है। महेश की पत्नी ने बताया कि सोमवार रात बेटा आठ हजार रुपये तनख्वाह लेकर आया था, इस बार तनख्वाह में दो हजार रुपये कम थे।
बेटे ने बताया कि उसने छुट्टी कर ली थी, जिस वजह से सैलरी कम आई है। इससे महेश नाराज हो गए और झगड़ा करने लगे कि उसने छुट्टी क्यों की। इसके बाद गुस्से में वह अंगोछा लेकर घर से निकल गए। फोन करने पर महेश ने बताया कि वह विजयनगर बाईपास पर हैं।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह महेश का शव सिद्धार्थ विहार में आवास विकास की जमीन पर लगे विद्युत टावर पर फंदे से लटका मिला। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
छानबीन की तो उसकी जेब से मिले मोबाइल के जरिए उसकी शिनाख्त हुई। घटनास्थल पर शराब की बोतल और एक गिलास मिला है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। एसओ विजयनगर सुरेंद्र यादव ने बताया कि महेश ने सुसाइड किया है।