श्रीराम पिस्टन के कर्मचारी की मौत से नाराज लोगों ने कंपनी के गेट पर दो घंटे हंगामा किया। कर्मचारी के परिजन हादसे में घायल मजदूर को उपचार न दिलाने से नाराज थे। इस दौरान कंपनी के एपीएम से धक्का-मुक्की और गाली गलौच भी की गई।
कंपनी प्रबंधन ने एक सप्ताह में सहायता राशि उपलब्ध कराने और लापरवाही के जिम्मेदार कर्मचारियों पर जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। श्रीराम पिस्टन के कर्मचारी प्रवीण त्यागी 20 मार्च को रात 11 बजे कंपनी के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
परिजनों का आरोप था कि अधिकारी-कर्मचारी रातभर कर्मचारी को एक अस्पताल से दूसरे में घुमाते रहे। उपचार न मिलने पर सुबह पांच बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल में उपचार के लिए रुपये न देने के चलते उसको भर्ती नहीं किया गया था। इसकी शिकायत लेकर कंपनी में पहुंचे कर्मचारी के परिजनों से प्रबंधन ने बातचीत नहीं की थी।
इससे नाराज होकर करीब सौ लोग बुधवार सुबह श्रीराम पिस्टन के गेट पर जा पहुंचे और जीएम से मिलने की मांग करने लगे। जीएम के न आने पर लोगों ने हंगामा किया। करीब एक घंटे बाद लोगो से बातचीत करने पहुंचे एपीएम (एप्वाइंटमेंट पर्सनल मैनेजर) संदीप गुप्ता और सुनील यादव से धक्का-मुक्की की गई।
कंपनी के प्रबंधक एके शर्मा ने मृतक के परिजनों को एक सप्ताह में सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने मामले की जांच कराकर उपचार में लापरवाही कराने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों ने एक सप्ताह में न्याय न मिलने पर कंपनी को बंद कराने की चेतावनी दी।