राजनगर एक्सटेंशन में बेखौफ बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर लाइसेंसी बंदूक लूट ली। विरोध करने पर बदमाशों ने गार्ड के साथी को भी बंदूक की बट से पीटकर घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल गार्डों को पास के नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां गंभीर हालत देखकर डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया।
नर्सिंग होम की एंबुलेंस पर ड्राइवर तैनात न मिला तो पुलिस की पेट्रोलिंग कार का ड्राइवर एंबुलेंस चलाकर घायलों को यशोदा अस्पताल लेकर पहुंचा।जरगवां, शाहजहांपुर निवासी जितेंद्र सिंह (50) और उनका साथी धर्मेंद्र पटेल सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं और फिलहाल सिहानी गांव में किराए के मकान में रहते हैं।
उनकी ड्यूटी राजनगर की क्वांटम सोसायटी में है। शुक्रवार शाम वह सिहानी से पैदल ड्यूटी पर जा रहे थे। शाम सात बजे से उनकी नाइट शिफ्ट में ड्यूटी थी। करीब पौने सात बजे जैसे ही वह क्वांटम सोसायटी के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से बाइक पर सवार हथियारबंद दो बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों ने जितेंद्र से उसकी दो नाली बंदूक लूट ली।
विरोध करने पर जितेंद्र को तमंचे से गोली मार दी, जबकि उसके साथी धर्मेंद्र को बट से पीटकर घायल कर दिया। जितेंद्र को गोली सीने में कंधे के पास लगी। धर्मेंद्र ने फोन पर सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी से दोनों को पास के ही नर्सिंग होम में पहुंचाया। वहां से उन्हें रेफर किए जाने पर यशोदा अस्पताल पहुंचाया गया।
यहां एसपी सिटी सलमान ताज, एसएचओ सिहानी गेट अवनीश दीक्षित समेत पुलिस के कई अधिकारी पहुंचे और घायल गार्ड से पूछताछ की। एसपी सिटी ने बताया कि गार्डों से बंदूक के अलावा रकम या अन्य सामान नहीं लूटा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस लूट और रंजिश समेत कई एंगल पर जांच कर रही है।
राजनगर एक्सटेंशन की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही बदमाशों का सुराग लगा लिया जाएगा।वारदात के दौरान बदमाशों और गार्डों में काफी देर तक गुत्थम-गुत्था हुई। बदमाशों के चेहरे भी खुले हुए थे। गार्ड ने उनका चेहरा देखा है। एसपी सिटी का कहना है कि गार्डों के बताए हुलिया के आधार पर बदमाशों के स्केच बनवाए जाएंगे।
वहीं वारदात स्थल के आसपास सोसायटीज के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी। उम्मीद है कि किसी न किसी सोसायटी के कैमरों में बदमाश जरूर कैद हुए होंगे।घायल गार्ड की जान बचाने को पुलिसकर्मी खुद एंबुलेंस का ड्राइवर बन गया। पुलिसकर्मी पहले घायलों को नर्सिंग होम में ले गए, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया।
गार्ड की हालत गंभीर होने की वजह से उसे एंबुलेंस से ही दूसरे अस्पताल पहुंचाया जा सकता था, लेकिन नर्सिंग होम की एंबुलेंस का ड्रावइर नहीं था। इस पर पीसी-27 पर तैनात पुलिसकर्मी जयदत्त शर्मा ने खुद ही एंबुलेंस को ड्राइव किया और घायल गार्डों को यशोदा अस्पताल पहुंचाया। इसके चलते घायलों को समय पर इलाज मिल पाया।