नोएडा की कंपनी में एचआर एग्जीक्यूटिव के पद पर तैनात युवती के खाते से ठगों ने बैंक मैनेजर बन आधार नंबर पूछकर सात हजार रुपये उड़ा दिए। पीड़िता ने पिता के साथ जाकर कविनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले को साइबर सेल ट्रांसफर कर दिया।
पीड़ित दिशा भारद्वाज पुत्री प्रमोद कुमार शास्त्रीनगर के एफ ब्लॉक की रहने वाली हैं। वह नोएडा सेक्टर-18 की एक कंपनी में एचआर एग्जीक्यूटिव के पद पर तैनात हैं, जबकि उनके पिता प्रमोद सेंट्रल एक्साइज कस्टम में जॉब करते हैं।
दिशा ने बताया कि उनका शास्त्री नगर स्थित एसबीआई बैंक में अकाउंट है। उन्होंने बताया कि शनिवार को करीब साढ़े तीन बजे उनके पास एक कॉल आई थी। कॉल रिसीव करने पर कॉलर ने खुद को एसबीआई बैंक मैनेजर बताकर कहा कि उनके अकाउंट का वेरिफिकेशन करना है।
दिशा ने पहले उसे फर्जी समझा और बोली की आप मेरा एटीएम नंबर जानकर ठगी कर सकते हो। इस पर ठग ने उनसे कहा कि नहीं मैडम हम बैंक से बोल रहे हैं और हमें आपका एटीएम नंबर नहीं केवल आधार नंबर जानना है। आधार कार्ड नंबर को अकाउंट से लिंक करना है।
इसके बाद दिशा ने आधार नंबर बता दिया। साथ ही ठग ने उनसे उनकी खाता राशि जानी। इसके कुछ देर बाद ही उनके मोबाइल पर सात हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। बाद में उन्होंने पलट कर उस नंबर पर कॉल किया तो वह नंबर बंद आ रहा था।
उन्होंने बैंक में शिकायत करने के साथ ही रविवार को कविनगर थाने में तहरीर दी। कविनगर एसएचओ हेमंत राय का कहना है कि मामला दर्ज कर इसे साइबर सेल भेजा जाएगा। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
एक सप्ताह में तीसरी ठगी
एक सप्ताह में आधार कार्ड जानकर ठगी करने की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले भी दो वारदात हो चुकी हैं, जिनका पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। बता दें कि ठगों ने पीएसी में तैनात एक कांस्टेबल से उनका आधार नंबर पूछकर उसके खाते से 74 हजार रुपये ई-वॉलेट पर ट्रांसफर किए थे।
इसके अलावा अवंतिका की रहने वाली एक आर्टिस्ट से भी आधार नंबर पूछने के बाद ठगों ने उनके अकाउंट से 50 हजार रुपये की ठगी की थी। उनके अकाउंट से झारखंड के बैंक में रुपये ट्रांसफर किए गए थे।