कालाधन जमा करने वालों पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। नोटिस जारी किए जाने के साथ ही छापामारी की जा रही है। इसी बीच आयकर विभाग में शिकायतों की संख्या भी बढ़ गई है। बिना नाम और पते के भेजी जा रही शिकायतों में लोग अपने जानकारों की काली कमाई की पोल खोल रहे हैं।
उधर, विभाग भी सारी शिकायतों की गंभीरता से जांच करा रहा है।अब तक की जांच में कई मामलों में भारी गड़बड़ी मिली है। सूत्रों के अनुसार एक बेनामी शिकायती पत्र में एक व्यक्ति द्वारा बीते पांच साल में कई अन्य लोगों के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदने और रिटर्न नहीं भरने की बात कही गई थी।
जांच कराई तो करीब चार से पांच करोड़ का टर्नओवर पकड़ में आया, जिस पर कोई रिटर्न अदा नहीं किया गया था। ऐसे बहुत से मामले हैं, जिनमें कुछ का ऑडिट हो रहा है तो कुछ मामलों में पार्टियों को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया गया है।
विभाग का मानना है कि शिकायत करने वाले लोग संबंधित पार्टी से जुड़े हैं, जिनमें रिश्तेदार, पड़ोसी या बिजनेस में साझेदार रहे पुराने लोग शामिल हैं।
नोटिस पर चुप्पी से खड़ा हुआ सवाल
शिकायतों के आधार पर भेजे गए नोटिस का कई लोगों ने जवाब नहीं दिया गया जबकि विभाग रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। ऐसे में नोटिस का जवाब न देना साफ जताता है कि कुछ छिपाया जा रहा है। हालांकि विभाग स्पष्ट कर चुका है कि सभी मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।