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कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर किशोरी से गैंगरेप किया

Sun, 07 Aug 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
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दो पड़ोसी युवकों ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर किशोरी (15) के साथ गैंगरेप किया। उसका एमएमएस बना लिया और इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर पांच माह तक यौन शोषण करते रहे। साथ ही ब्लैकमेल कर उससे 10 हजार रुपये भी हड़प लिए। पांच हजार रुपये और मांगे, नहीं देने पर एमएमएस वायरल कर दिया।
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पुलिस ने नामजद आरोपी दोनों युवकों और वारदात में सहयोग करने वाली किशोरी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मुरादनगर थाना क्षेत्र की एक कालोनी की है। किशोरी ने बताया कि पांच माह पहले पड़ोस में रहने वाली लड़की उसके घर आई और बोली- मां ने बुलाया है। वह लड़की के साथ उसके घर चली गई। मकान में लड़की का भाई और उसका एक दोस्त था।

तीनों ने मिलकर उसे कोल्ड ड्रिंक पीने की जिद की। इस दौरान आरोपियों ने उसकी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद वह बदहवास हो गई। आरोप है कि दोनों युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया और मोबाइल से उसका एमएमएस बना लिया। होश में आने पर उसने शोर मचाया तो आरोपियों ने मोबाइल क्लिप दिखाकर उसे धमकी दी।
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इसके बाद भी आरोपी एमएमएस इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करते रहे। इस दौरान उससे 10 हजार रुपये ले लिए और पांच हजार रुपये और मांगने लगे। नहीं देने पर उसके भाई को मारने की भी धमकी दी और एमएमएस व्हाट्स एप और शेयर इट के जरिए वायरल कर दिया। परेशान होकर पीड़िता ने शनिवार को परिजनों को दुखड़ा सुनाया।

तब परिजनों ने एफआईआर दर्ज कराई। सीओ सदर पवन कुमार ने बताया कि आरोपी इस्तकार, उसके दोस्त आसिफ और एक नाबालिग लड़की को गिरफ्तार कर लिया है। उस मोबाइल को भी कब्जे में ले लिया है, जिससे एमएमएस बनाया गया था।

थाने से भगाया, मेडिकल को लेकर भी तकरार शनिवार सुबह पीड़ित परिवार गैंगरेप की शिकायत करने थाने पहुंचा तो उन्हें थाने से यह कहकर टरका दिया गया कि गाजियाबाद अफसरों के पास जाओ। शाम को अस्पताल में मेडिकल को लेकर न सिर्फ घंटों इंतजार करना पड़ा, बल्कि तकरार भी हुई।

परिजनों ने बताया कि शाम करीब पांच बजे वह लड़की को लेकर मेडिकल कराने के लिए पहुंचे तो संयुक्त जिला अस्पताल में पीड़िता से मेडिकल न कराने के लिए अंगूठा लगवा लिया। वह पढ़ी लिखी नहीं है, इसलिए उसे पता नहीं चला कि क्यों अंगूठा लगवाया है। पांच घंटे बाद मुरादनगर थाने से दूसरा मेडिकल फार्म मंगवाया गया, तब जाकर मेडिकल हो सका।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि लड़की ने मेडिकल से खुद मना किया था और अपनी मर्जी से अंगूठा लगाया था, उससे कोई जबरदस्ती नहीं की गई। दूसरी तरफ थाने से भगाने के मामले में सीओ सदर का कहना है कि पीड़ित परिवार को थाने से नहीं भगाया गया था, शिकायत मिलते ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
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