नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार सुबह कंट्रोल रूम पर बम की सूचना मिलने से अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में मौके पर पहुंची सिहानीगेट और कविनगर पुलिस ने डॉग स्क्वायड के साथ जांच की तो रेलवे ट्रैक किनारे जलती झाड़ियों में एक छोटा गैस सिलेंडर मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के बताने पर पुलिस ने एक युवती को हिरासत में लिया। उससे घंटों पूछताछ की गई। बाद में युवती को उसकी बहन शबाना की सुपुर्दगी में दे दिया गया।सीओ फर्स्ट राजेश कुमार और सीओ एलआईयू अलका धर्मराज ने बताया
युवती मूल रूप से सरवट पीर, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर निवासी मुन्ना की बेटी गुलशन उर्फ गुल्लो है। उसके पास से मुजफ्फरनगर से नई दिल्ली का एक पैसेंजर ट्रेन का टिकट और 2200 रुपये मिले थे। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह दिल्ली सदर बाजार से सितारा, बटन आदि कपड़ों का सामान लेने जा रही थी।
सुबह करीब सवा छह बजे वह पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर गाजियाबाद आई थी। ट्रेन में ही उसे दो व्यक्तियों ने एक प्लास्टिक बैग देकर उसे किसी ट्रेन की सीट के नीचे रखने को कहा था। इसकी एवज में उसे दो-दो हजार के नोट देने का वादा किया था।
युवती का कहना था कि उसने यह सब करने से इंकार कर दिया और नया गाजियाबाद स्टेशन पर उतर गई। इसी दौरान दोनों व्यक्तियों ने कट्टेनुमा प्लास्टिक बैग उसके पास रखा और वापस ट्रेन में सवार होकर चले गए।
बैग को देखकर वह घबरा गई और उसने उसे स्टेशन से कुछ दूर ही रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। युवती का कहना है कि बैग फेंकते ही उसमें आग लग गई। सीओ एलआईयू अलका धर्मराज के अनुसार जीआरपी, आरपीएफ और लोकल इंटेलीजेंस के साथ ही
पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने भी युवती से पूछताछ की, मगर कोई खास बात नहीं निकली। उधर सूत्रोें की मानें तो युवती के पास से एक डायरी मिली है, जिसमें कई जिलों में तैनात पुलिस अफसरों और थानेदारों के नंबर मिले हैं। सूत्रों की मानें तो युवती को अभी जांच के दायरे से बाहर नहीं किया गया है।