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किराना मंडी में छापा, 12 बोरा पीली मिट्टी, 32 बोरा लकड़ी का बुरादा बरामद

Sat, 10 Jun 2017 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
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किराना मंडी में छापा - फोटो : अमर उजाला
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 मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभागीय टीम ने किराना मंडी में मसाला पीसने वाली दो दुकानों पर छापा मारा। टीम को देखते ही मंडी में हड़कंप मच गया। छापे के दौरान टीम को एक दुकान पर मिलावट के लिए रखी 12 बोरे पीली मिट्टी और 32 बोरा लकड़ी का बुरादा बरामद किया जबकि दूसरी दुकान का मालिक मौका देखकर भाग निकला।
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टीम ने संबंधित पीलू जैन ग्राइंडर की दुकान को सील कर घंटाघर कोतवाली में तहरीर दी है। कार्रवाई को देख मंडी की कई दुकानें बंद हो गईं।शहर में बिक रहे मसालों में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ अजय जायसवाल ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि रामनगर किराना मंडी में बड़े पैमाने पर मसालों में मिलावट हो रही है। जांच के लिए विभागीय टीम बनाई गई।

टीम में शामिल मनोज तोमर, कृष्ण गोपाल, उमा शंकर, सत्येंद्र तोमर, विपिन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र कुशवाहा और कमलेश कुमार ने शनिवार सुबह अचानक किराना मंडी में छापा मारा। टीम ने मसाला पीसने वाली दो दुकानों का निरीक्षण किया।
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बॉबी की दुकान आस्था ग्राइंडर के यहां टीम को हल्दी में मिलाने के लिए 12 बोरी पीली मिट्टी और धनिया में मिलाने के लिए 32 बोरी लकड़ी का बुरादा रखा हुआ मिला। टीम ने मिलावटी पदार्थ को सीज कर दिया और मौके से ही मसाले के दो सैंपल लिए। वहीं, पीलू जैन ग्राइंडर के यहां जब टीम पहुंची तो संबंधित दुकान का मालिक दुकान बंद कर भाग गया था।

टीम को सूचना थी कि दुकान में देर रात चावल की किनकी और भूसा रखा गया है। दुकान बंद थी। इसलिए जांच नहीं हो पाई। टीम ने दुकान को सील कर दिया है।

क्या कहते हैं मंडी अध्यक्ष
किराना मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गर्ग का कहना है कि एसोसिएशन की बैठक में हर बार व्यापारियों से कहा जाता है कि वह मिलावट से दूर रहें। इसके बाद भी कोई व्यापारी ऐसा करता है तो एसोसिएशन उसकी मदद नहीं करती है।

क्या कहते हैं डॉक्टर
फिजिशियन डा. अंशुल वार्ष्णेय का कहना है कि पीली मिट्टी और लकड़ी का बुरादा मसाले में मिलाने पर पेट में इंफेक्शन हो सकता है। यदि मिलावटी मसाला नियमित खाया जाए तो सांस में दिक्कत और कई गंभीर बीमारी हो सकती है।

बाद में धड़ल्ले हो रही है मिलावटखोरी
जनवरी 2015 में तत्कालीन एफडीए कमिश्नर बादली चटर्जी की निगरानी में छापेमारी की गई थी, उस वक्त गाजियाबाद में भारी मात्रा में मिलावट का सामना पकड़ा गया था। रमते राम रोड स्थित मसाला कंपनी से 21 क्विंटल भूसा, 28 क्विंटल चावल और तीन क्विंटल केमिकल रंग जब्त किया था।

वहीं, टोनिका सिटी में एक फूड कंपनी पर छापा मारकर 750 किलो मोनो सोडियम ग्लूटा केमिकल और पांच क्विंटल मैजिक मसाला जब्त किया है। उधर, पूर्व कमिश्नर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बादल चटर्जी का कहना है कि साल में 2015 में प्रदेश भर के तमाम बड़े शहरों में छापेमारी कर सैंपलिंग की कार्रवाई कराई गई थी।

इस दौरान सबसे ज्यादा मिलावटी केमिकल व अन्य सामान गाजियाबाद से पकड़ा गया था। ऐसी मिलावट पर लगाम लगाने के लिए जरूरी है कि नियमित छापेमारी हो, कोर्ट से केस का कम समय में ठोस दंड के साथ निपटारा किया जाए और जनता मिलावट करने वालों का बहिष्कार कर दें। यहीं कारण था उस समय की कार्रवाई के बाद काफी हद तक मिलावट रुक गई थी।
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