सीबीआई ने नशे के बड़े कारोबार का खुलासा किया है। सीबीआई की नारकोटिक्स सेल ने छापा मारकर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के जरिए उड़ीसा से गाजियाबाद लाया जा रहा 427 किलो गांजा बरामद किया है। बृहस्पतिवार रात करीब पौने दो बजे इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया।
कार्रवाई से पहले सीबीआई ने स्थानीय आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अफसरों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। सीबीआई ने सात तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801) के जनरल कोच में यह 427 किलो गांजा खुर्दा रोड जंक्शन से लादा गया था।
यह गांजा गाजियाबाद स्टेशन पर उतारकर मार्केट में सप्लाई किया जाना था। सीबीआई की नारकोटिक्स सेल ने पुख्ता सूचना के बाद ट्रेन के आने से पहले ही गाजियाबाद स्टेशन पर डेरा डाल लिया, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी को भी इसकी कानोंकान भनक नहीं लगने दी।
रात 1:38 बजे ट्रेन गाजियाबाद स्टेशन पहुंची तो सीबीआई के डिप्टी एसपी एसके सिंह के नेतृत्व में 12 लोगों की टीम ने सभी तस्करों को गांजा की भारी खेप के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह गांजा 17 बोरों में भरकर लाया जा रहा था।
सीबीआई अधिकारियों ने कार्रवाई पूरी होने के बाद आरपीएफ, रेलवे के स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और गांजा व तस्करों को लेकर दिल्ली लौट गई। सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने सातों तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। नशे के इस कारोबार की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
...
समालखा में सप्लाई किया जाना था गांजा
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक उड़ीसा से गांजा लाने वाले तस्कर बावरिया गिरोह के लोग हैं। यह गांजा पानीपत (हरियाणा) के कस्बा समालखा में पहुंचाया जाना था। यहां से इसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाजार में बेचा जाना था। पकड़े गए बावरिया गैंग के लोग खुद ही इस गांजे की डिलीवरी करने वाले थे।
..
सुरक्षा में ढील के चलते गाजियाबाद में उतरना था गांजा
समालखा ले जाए जाने के लिए यह गांजा ट्रेन से नई दिल्ली स्टेशन पर उतारना ज्यादा आसान होता, लेकिन तस्करों के मुताबिक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है। गाजियाबाद में सुरक्षा की ढील का भी उन्हें पूरा अंदाजा था।
ऐसे में नई दिल्ली उतरने की बजाए इन तस्करों की प्लानिंग गाजियाबाद में ही गांजा उतारने की थी और यहां से इसे आगे भेजा जाना था। पुलिस को गांजे की जानकारी न लगे, इसके लिए तस्करों ने महिलाओं का सहारा लिया था। इनके साथ महिलाएं भी थीं। 427 किलो गांजा को कम बोरों में भरने के लिए उन्होंने इसे गीला कर लिया था।