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एमबीए पास शातिर ने साथियों संग कारोबारी से ठगे थे 9.85 लाख

Sat, 07 Jan 2017 04:38 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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 हिंडन ऑटो मोबाइल कंपनी के मालिक के अकाउंट से नौ लाख 85 हजार रुपये की आरटीजीएस कर ठगी के मामले का कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने एमबीए पास मास्टरमाइंड समेत तीन ठगों को गिरफ्तार कर आठ लाख 45 हजार रुपये की ज्वैलरी, 50 हजार नकदी और एक लग्जरी कार बरामद की है।
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इस मामले में पुलिस एसबीआई के चीफ बैंक मैनेजर और ग्रेटर नोएडा स्थित आरजे ज्वैलर्स के मालिक से भी पूछताछ कर रही है।पकड़े गए ठग वीरेंद्र साहू निवासी ग्रीन पार्क रुद्रपुर उधम सिंह नगर, अरुण जादौन निवासी लोनी और अजब नागर निवासी लोनी गाजियाबाद हैं।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार रात हिंडन एयर फोर्स के पास से ठगों को गिरफ्तार किया गया। गैंग का सरगना वीरेंद्र साहू है, जो एमबीए पास है और लखनऊ के एक  नामी बैंक में बतौर मैनेजर नौकरी कर चुका है। बैंक की नौकरी छोड़कर वीरेंद्र ठगी करने लगा था।
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वह अब तक विभिन्न जगहों पर 10 से अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। वह उत्तराखंड और बरेली से जेल भी जा चुका है।पूछताछ में पता चला कि कुछ समय से वीरेंद्र दिल्ली के यमुना विहार में रह रहा था। जहां वह अरुण और अजब सिंह के संपर्क में आया।

अरुण ने ही वीरेंद्र को हिंडन ऑटो मोबाइल कंपनी के अकाउंट के बारे में जानकारी दी, जो उसने नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई बैंक की शाखा में कार्यरत अधिकारियों से जुटाई थी। इसके बाद ठगी की प्लानिंग बनाई गई और वीरेंद्र ग्राहक बनकर सुधांशु की दुकान पर कई बार गया।

वह सुधांशु के अकाउंट का फर्जी चेक बनाकर बैंक ले गया और कहा कि चेक सुधांशु ने भेजा है। कुछ देर बाद वह चीफ बैंक मैनेजर के पास गया और खुद के सुधांशु होने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने नौ लाख 85 हजार रुपये की आरटीजीएस करने के लिए कहा।

बैंक मैनेजर उसके झांसे में आ गया और बगैर कन्फर्म करे ही इतनी बड़ी रकम आरटीजीएस कर दी गई।एसएसपी ने बताया कि वीरेंद्र ने दो साथियों के साथ मिलकर 29 दिसंबर को गामा-2 स्थित एक ज्वैलरी शॉप से नौ लाख 85 हजार रुपये की ज्वैलरी खरीदी थी, जिसका मैसेज कंपनी के मालिक के मोबाइल पर आया था।

पुलिस हरकत में आई और ज्वैलर की दुकान में जांच पड़ताल की, जहां सीसीटीवी फुटेज में अरुण और अजब  दिखे। पहले इनका पता लगाया गया और फिर वीरेंद्र का पता लगाकर तीनों को गिरफ्तार किया गया।

‘नोएडा पुलिस तो अपने घर की है, काहे का डर’
गाजियाबाद पुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया तो वह लग्जरी कार से उत्तराखंड में हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने जा रहे थे। खरीदी गई ज्वैलरी में से उन्होंने एक लाख 40 हजार रुपये की ज्वैलरी बेचकर कैश ले लिया था।

तीनों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि जान पहचान होने की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ज्वैलरी बेची थी, वहां पकड़े जाने पर आसानी से छूट जाते। आरोपी अरुण और अजब ने वीरेंद्र से कहा था कि वह डरे नही, उनकी जान पहचान है।

परिजन उन्हें छुड़ा लेंगे। उधर,  हिंडन ऑटो मोबाइल कंपनी के मालिक सुधांशु के पिता वाईपी वासन ने ज्वैलरी की बरामदगी पर एसएसपी और कोतवाली पुलिस की सराहाना की।
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