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प्रोफेशनल गैंग ने दिया वारदात को अंजाम

Wed, 14 Jun 2017 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
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bank - फोटो : अमर उजाला
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 एनएच-58 पर पंजाब नेशनल बैंक में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस बागपत, मुजफ्फरनगर और मेरठ के प्रोफेशनल गैंग की तलाश में लग गई है। मोदीनगर पुलिस और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम को अंदेशा है कि किसी प्रोफेशनल गैंग ने ही वारदात को अंजाम दिया है।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस को बैंक की सीसीटीवी फुटेज में कुछ ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जिससे पुलिस को वारदात में बागपत, मुजफ्फरनगर,  शामली के प्रोफेशनल गैंग का हाथ लग रहा है। सीसीटीवी में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति हाथ में छेनी और हथौड़ा लेकर लॉकर रूम में घुसता दिख रहा है।

चोर जिस तरह से लॉकर रूम में कूदकर करीब तीन सेकेंड बाद ही कपड़े से सीसीटीवी को ढक देता  है, उससे पता चला है कि उसने बैंक की रेकी की गई है। बैंक की विस्तृत जानकारी होने की वजह से बैंक कर्मचारी के भी चोरों से मिले होने का संदेह जाहिर हो रहा है। एसएसपी हरिनारायण सिंह का कहना है कि पुलिस को सुराग हाथ लगे हैं, चोरों की तलाश की जा रही है।
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इन गैंग पर है वारदात का संदेह
मुकीम काला (सहारनपुर, शामली)
राहुल खट्टा (बागपत, मुजफ्फरनगर)

प्रमोद कुमार (बागपत)
सुंदर भाटी (नोएडा, बुलंदशहर, गाजियाबाद)
अनिल दुजाना (नोएडा, बुलंदशहर, गाजियाबाद)

योगेश भदौड़ा (मेरठ, बागपत, बुलंदशहर)
उधम सिंह (मेरठ, बागपत)
किरठल गैंग (मेरठ, बागपत)

कहीं स्थानीय लोगों की सहायता से तो नहीं दिया चोरी को अंजाम
पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस स्थान पर चोरों ने पहले सुरंग और बाद में लोहे की सरियों को मोड़ा है। उसमें कम से कम एक से दो दिन का समय लगा होगा। ऐसे में, पुलिस को शक है कि स्थानीय व्यक्ति भी वारदात में शामिल हो सकता है। पुलिस इस मामले में लोगों से पूछताछ भी कर रही है।

लोहे की रॉड से तोड़े ताले
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी ने लोहे की रॉड से ही सारे लॉकर्स के ताले तोड़े हैं। चोरों ने लॉकर्स पर लगे तालों को काटने की बजाए उनमें लोहे की रॉड फंसाकर उन्हें तोड़ा है। इसके बाद उन्होंने पेंचकस और आरी की सहायता से अंदर के लॉक को तोड़ा है।

पुलिस की पांच टीमें गठित की गई
एसएसपी हरि नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस ने चोरों की तलाश करने के लिए पांच टीमों का गठन किया है। इनमें दो थानों की टीम, एक क्राइम ब्रांच की टीम, एक एसओजी की टीम और एक स्पेशल टीम को लगाया गया है। यह टीम दिल्ली-एनसीआर समेत मेरठ, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में दबिश दें रही हैं।

 बैंक की टेक्निकल टीम पर शक, हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
एसएचओ ध्रुव भूषण दुबे ने बताया कि नौ जून को बैंक की सिक्योरिटी और टेक्निकल टीम ने जांच की थी कि बैंक सभी उपकरण ठीक हैं। उन्होंने इसकी एक रिपोर्ट बैंक प्रबंधक को भी सौंपी है। पुलिस का कहना है कि एक दिन में  सारे सिक्योरिटी सिस्टम खराब नहीं हो सकते हैं। ऐसे में, सिक्योरिटी की जांच करने वाली टीम पर पुलिस को शक है, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बैंक  के सिक्योरिटी गार्ड और अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है,  जिनसे पूछताछ की जा रही है।

चोरों की तलाश में पुलिस ने खंगाली दो हजार सीडीआर
पुलिस चोरों की तलाश में लगातार इलाके के सीडीआर खंगाल रही है। मोदीनगर पुलिस ने मंगलवार शाम तक इलाके में लगे टावरों के करीब दो हजार से अधिक सीडीआर खंगाली है, जिनसे पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

बैंक में शनिवार शाम को घुसे थे चोर, सीसीटीवी में कैद
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार शाम सात बजकर 10 मिनट पर एक चोर बैंक के लॉकर रूम में घुसता दिखा है। उन्होंने बताया कि बनियान पहने चोर के हाथ में कई धार दार हथियार दिख रहे हैं।


 पीढ़ियों की परंपरा खत्म
लाकरों में चोरी से कुछ परिवारों की पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा खत्म हो गई। चोरी की सूचना पाकर पहुंची रेखा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।  गुड़गांव की रहने वाली रेखा का लाकर पति के नाम से था, उनका करीब ढाई किलो सोना गायब है। इनकी कई पीढ़ियों के जेवर रखे थे। नकदी और जमीन के कागजात भी थे।

इसी तरह से राजकुमार जो पेशे से अधिवक्ता हैं, इनका दो किलो सोना था, जिसमें दादी के ज़माने के जेवर भी शामिल हैं। सतीश नेहरा का नौ सौ ग्राम सोना, कीमती कागज, रेखा शर्मा का भी करीब आधा किलो सोना और देवेंद्र गर्ग का करीब डेढ़ किलो सोना, वीके मिश्रा का चार सौ ग्राम सोना और कीमती पेपर हैं। इसी तरह से हर पीड़ित का अपना दर्द और खोए सामानों की सूची है, जिसे चोर ले गए हैं।
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