बृहस्पतिवार को जिस बुजुर्ग की लूट की रिपोर्ट तक मसूरी पुलिस ने दर्ज नहीं की, अफसरों की फटकार के बाद शुक्रवार को वही पुलिस उन्हें तलाशती हुई उनकी फैक्ट्री पहुंच गई। बुजुर्ग वहां नहीं मिले तो बाद में फोन पर उनसे गुहार लगाई कि बाबूजी! आइए रिपोर्ट दर्ज करा दीजिये। लुटेरों को पकड़ने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
बुजुर्ग प्रदीप ने बताया कि शुक्रवार को उनकी तबीयत खराब थी। इसलिए वह फैक्ट्री में नहीं गए थे। उन्हें पता चला कि अखबार में खबर छपने के बाद पुलिस हरकत में आई है। कुछ पुलिसवाले उन्हें तलाशते हुए फैक्ट्री पहुंचे और फोन पर उनसे बात की।
फोन पर ही उन्होंने पुलिसकर्मियों को बता दिया कि वह आज आने में असमर्थ हैं। स्वस्थ होने पर वह थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाएंगे। बता दें कि डासना टोल के पास दो बाइक सवार ठगों ने मीट फैक्ट्री से घर लौट रहे प्रदीप पाठक (65) की कार पर काला तेल डालकर 94 हजार रुपये और लैपटॉप उड़ा लिया था।
पीड़ित जब जेल चौकी पर शिकायत करने पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें यह कहकर टरका दिया कि रुपये तो अब नहीं मिलेंगे, मगर लैपटॉप अगर कहीं पड़ा मिला तो उन्हें दे दिया जाएगा।
अमर उजाला ने इस खबर को ‘कप्तान साहब! यह है आपकी पुलिस का हाल’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शुक्रवार को खबर छपी तो उच्चाधिकारियों ने मसूरी पुलिस को जमकर लताड़ लगाई और इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।