रेलवे स्टेशन पर ठेकेदारों के झगड़े में वेंडर भिड़ गए। एक पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की वजह से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को गिरफ्तार कर लिया। किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर न मिलने की वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। जीआरपी झगड़ा और फायरिंग होने से इनकार कर रही है।
स्टेशन पर भोजन, चाय और पानी बेचने के ठेकेदारों ने अपने आप ही क्षेत्र बांटे हुए हैं। बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे एक-दूसरे के क्षेत्र में चाय और पानी बेचने को लेकर ठेकेदार सोनू और मनीष के बीच कहासुनी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों के बीच मारपीट भी हुई। इसके बाद दोनों ने फोन कर अपने-अपने साथियों को बुला लिया। दोनों पक्ष के डेढ़ दर्जन से अधिक वेंडर जमा हो गए, जिनके बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
इस दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने से मौके पर जमा यात्रियों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के कुछ लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। वहां काफी देर बिठाने के बाद जब किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
शुक्रवार की सुबह जीआरपी इंचार्ज आशुतोष सिंह और आरपीएफ इंचार्ज संजीव कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी ठेके की फाइल लेकर थाने बुलाया। इस दौरान दोनों पक्षों ने समझौता करने की इच्छा जताई। देर शाम तक दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो सका था।
जीआरपी थाना इंचार्ज आशुतोष सिंह का कहना है कि सोनू और मनीष ठेकेदार हैं, जिनके बीच बृहस्पतिवार की रात किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। झगड़ा होने या फायरिंग किए जाने की बात बेबुनियाद है। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास चल रहे हैं।