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पुलिस-भाकियू नेताओं में नोकझोंक, हंगामा

Fri, 21 Oct 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ गाजियाबाद
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पुलिसकर्मियों से नोकझोंक करते भाकियू के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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वाहन चेकिंग के दौरान बृहस्पतिवार सुबह भाकियू नेेताओं और सिपाही के बीच नोकझोंक होने पर हंगामा हो गया। भाकियू नेताओं ने कादराबाद और कोतवाली में जमकर नारेबाजी की। सूचना पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कोतवाली पहुंचे।
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कोतवाली में करीब छह घंटे पुलिस और भाकियू नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बाद बाद में आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।हुआ यूं कि बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे सीओ यातायात राजेश सिंह के नेतृत्व में कादराबाद पुलिस चेक पोस्ट के पास वाहन चेकिंग अभियान चल रहा था।

इस वजह से मेरठ की ओर से आ रहे वाहनों की लाइन लगने से जाम लग गया। इसी बीच मुजफ्फरनगर सिसौली निवासी भाकियू नेता धर्मवीर सिंह, विजय और सम्राट कार से वहां आ गए। जाम लगने पर उन्होंने सिपाही से कुछ कह दिया।
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इस पर सिपाही और नेताओं के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान सीओ राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। मामला बढ़ता देख उन्होंने वायरलेस से सूचना देकर कोतवाली पुलिस को बुला लिया। कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा तीनों नेताओं और कार को कोतवाली ले आए।

करीब दो बजे मामले की सूचना पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को मिली तो वे कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए। यहां नेताओं और पुलिस कर्मियों के बीच करीब एक घंटा आरोप प्रत्यारोप चले।

बाद में अधिकारियों के फोन पर हस्तक्षेप करने के बाद मामला शांत हुआ और भाकियू नेता गाजियाबाद की ओर रवाना हो गए। कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा का कहना है कि कोई ऐसी बात नहीं थी। सिपाही और नेताओं के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। बाद में मामला शांत हो गया।

मालिकों के खिलाफ यूनियन कसेगी शिकंजा: राकेश टिकैत
गाजियाबाद जाते समय भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि करोड़ों के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू शुगर मिलों की सिस्टर कंपनियों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर ताला ठोक अभियान चलाएगी। आगामी 18 नबंवर को सिसौली में यूनियन की महापंचायत होगी।

इसमें भारत सरकार के कई मंत्री शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नया पेराई सत्र शुरु हो चुका है, लेकिन किसानों को गत वर्ष का पूरा भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यूनियन भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन को जेल भेजने के हक में नहीं है।

उन्हें तो किसानों के पेमेंट से मतलब है। टिकैत ने कहा कि जिन शुगर मिलों पर किसानों का बकाया है। यूनियन उनकी सहयोगी कंपनियों अथवा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर ताला ठोक अभियान चलाएगी। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरेंद्र नेहरा भी मौजूद रहे।
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