सिंचाई विभाग, मेरठ के अधिशासी अभियंता आरके जैन के वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित घर पर छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीम ने फाइलों का एक बड़ा गट्ठर और अन्य सामान जब्त किया। आयकर विभाग को सूचना मिली है कि अभियंता के निजी आवास के साथ ही एक खाली प्लॉट है, जो उनका ही है।
इसके अलावा आवास में ही चल रही बेटे की फाइनेंस कंपनी के जरिए भी लेनदेन किया गया है। ऐसे में दो करोड़ का प्लॉट और बेटे की फाइनेंस कंपनी विभाग की जांच के केंद्र बिंदु में रहने के आसार हैं।आयकर विभाग की टीम के करीब 12 अधिकारियों में से आधा दर्जन अधिकारियों ने आरके जैन के बेटे की फाइनेंस कंपनी के दस्तावेज खंगाले।
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने बेटे सौरभ जैन की फाइनेंस फर्म की फाइलों की एक मोटी गठरी जब्त की है। इतना ही नहीं अधिकारियों ने आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की, जिसमें यह बात सामने आई कि उनके आवास के बगल में पड़ा करीब 200 वर्गमीटर का खाली प्लॉट भी अभियंता का ही है, जिस पर उन्होंने अपनी चार कारों की पार्किंग बनाई हुई है।
ऐसे में अधिकारियों ने इस प्लॉट के दस्तावेजों को भी जब्त किया। प्लॉट की कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।आयकर विभाग के संयुक्त आयकर निदेशक (जांच) एमके जैन ने बताया कि सभी दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके बाद ही सभी संपत्तियों की जानकारी आरोपी अभियंता को देनी होगी।
मामले में उनके बेटे से भी पूछताछ की जा सकती है।छापे की सूचना के बाद सुबह से ही उनके घर के पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि आरके जैन लंबे समय से यहां रह रहे हैं। उनकी पत्नी, बड़ा बेटा सौरभ, उसकी पत्नी और छोटा बेटा यहां रहते हैं। छापेमारी के दौरान परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे, जबकि आरके जैन मेरठ में थे।