आयकर विभाग ने सिंचाई विभाग मेरठ खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता आरके जैन के सरकारी आवास पर छापा मारते हुए करीब 20 लाख रुपये बरामद किए हैं, जिसमें 15 लाख रुपये दो-दो हजार के नए नोट थे तो करीब पांच लाख रुपये पुरानी करेंसी थी। सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चलती रही।
टीम ने इस दौरान उनके कार्यालय सहित बैंक लॉकर भी देखे। उधर, गाजियाबाद वसुंधरा स्थित निजी आवास पर भी सुबह आठ बजे से शुरू हुआ सर्च देर रात पौने नौ बजे तक चला। इस दौरान उनके और बेटे की फाइनेंस कंपनी से संबंधित दस्तावेजों को आयकर विभाग ने अपने कब्जे में लिया।
आरके जैन मेरठ खंड गंगानगर में एक माह पहले ही अधीक्षण अभियंता के पद पर पदोन्नत हुए हैं। लेकिन इस समय भी वे अधिशासी अभियंता के पद पर हैं। आरके जैन बाउंड्री रोड स्थित सरकारी आवास नंबर ए-6 में रहते हैं। जबकि उनका परिवार वसुुंधरा गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-5 में रहता है।
वसुंधरा स्थित आवास में ही उनका बेटा फाइनेंस कंपनी भी चलाता है।आरके जैन सुबह करीब 6:30 बजे अपने सरकारी आवास पर पहुंचे थे। जिस समय वह बाथरूम में थे, तभी आयकर विभाग की तीन गाड़ियों में करीब आधा दर्जन अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे।
अधिकारियों ने वहां मौजूद चपरासी से आरके जैन के बारे में पूछा और भीतर जाकर बैठ गए। आरके जैन के बाथरूम से बाहर आते ही अधिकारियों ने अपना परिचय दिया और आरके जैन और उनके चपरासी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी।
इस दौरान अधिकारियों ने पूरे घर और वहां रखे सामान की गहनता से जांच की और तमाम फाइलें और अभिलेख खंगाले। लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद एक सेफ जिसका ताला बंद था, जब उसे खोलने के लिए कहा गया तो आरके जैन ने कहा कि चाबी नहीं है। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने ताला खोलने वाले आरिफ को बुलाकर सेफ खुलवाई।
जिसमें दो-दो हजार रुपये के नोट के साथ पुरानी करेंसी रखी थी।इस करेंसी के मिलने की सूचना पर अपर/संयुक्त आयकर निदेशक (जांच) एमके जैन दोपहर करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके सामने नोटों की गिनती की गयी तो पता चला कि 15 लाख रुपये दो-दो हजार के नोट के रूप में थे, जबकि करीब पांच लाख के नोट पुरानी करेंसी में थे।
इन रुपयों के बारे में आरके जैन आयकर विभाग को कोई जवाब नहीं दे सके।उधर, सुबह आठ बजे डिप्टी डायरेक्टर आईटी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में आयकर विभाग की गाजियाबाद की टीम वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित उनके निजी आवास पर पहुंची और जांच शुरू की।
इस दौरान टीम ने आरके जैन के घर को खंगालने के साथ ही गाडिय़ों की भी तलाशी लेते हुए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। घर के नीचे ही चल रही उनके बेटे की फाइनेंस कंपनी से संबंधित दस्तावेजों को भी टीम ने जब्त किया। देर रात पौने नौ बजे विभाग की टीम लौटी। हालांकि टीम ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया।
आयकर विभाग की टीम देर रात मेरठ के ईव्ज चौराहा स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा पहुंची। जहां पर आरके जैन का बैंक खाता और लॉकर बताया गया। जहां इनकी जांच शुरू कर दी गई। इससे पूर्व सुबह ठीक 10 बजे आयकर विभाग की एक टीम आरके जैन की अलमारी, मेज की दराज आदि सभी की गहनता से तलाशी ली गयी, लेकिन कुछ नहीं मिला।
हमारी नजर निरंतर काले धन पर है। इसी कड़ी में यह छापा मारा गया है। अभी तक करीब 20 लाख रुपये मिले हैं। जिसमें 15 लाख रुपये दो-दो हजार के नोट के रूप में हैं और करीब पांच लाख रुपये पुरानी करेंसी में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि बाकी क्या-क्या मिला है।- एमके जैन, अपर/संयुक्त आयकर निदेशक (जांच)